जरुरी जानकारी | ईपीएफओ ने छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों से थोक में कोष हस्तांतरण की सुविधा शुरू की

नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर सेवानिवृत्ति कोष का प्रबंधन करने वाली संस्था ईपीएफओ ने छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों से एकल भुगतान के जरिए थोक में कोष हस्तांतरण की सुविधा शुरू की है।

छूट प्राप्त प्रतिष्ठान वे हैं, जिन्हें ईपीएफ और एमपी अधिनियम, 1952 की धारा 17 के तहत छूट दी गई है और वे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के समग्र पर्यवेक्षण के रूप में खुद सदस्यों के भविष्य निधि कोष का प्रबंधन करते हैं।

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श्रम मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, ‘‘श्रम और रोगजार सचिव अपूर्व चंद्रा ने सात अक्टूबर 2020 को ईपीएफओ मुख्यालय की अपनी पहली यात्रा के दौरान छूट प्राप्त ट्रस्टों से एकल भुगतान के जरिए थोक में कोष और डेटा के हस्तांतरण की एक नई सुविधा शुरू की।’’

इस सुविधा से छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों के लिए धन हस्तांतरण की गति बढ़ेगी और कारोबार करना आसान होगा।

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बयान के मुताबिक किसी सदस्य के छूट प्राप्त संस्थान से गैर-छूट प्राप्त संस्थान में जाने पर उसकी भविष्य निधि ईपीएफओ को हस्तांतरित की जाती है।

अभी तक छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों को प्रत्येक सदस्य के लिए कोष का अलग-अलग हस्तांतरण करना पड़ता था। इससे प्रक्रिया काफी जटिल रहती है। ईपीएफओ की ताजा पहल से प्रक्रिया आसान होगी और 1,500 के करीब छूट प्राप्त संस्थानों को फायदा होगा।

किसी कर्मचारी के बिना छूट वाले प्रतिष्ठान से छूट प्राप्त प्रतिष्ठान में स्थानांतरित होने की स्थिति में ईपीएफओ इलेक्ट्रानिक तरीके से छूट प्राप्त संस्थान के बैंक खाते में धन का सीधे हस्तांतरण कर देता है और उसका ब्यौरा संबंधित प्रतिष्ठान के लॉगइन में उपलब्ध करा दिया जाता है।

श्रम सचिव ने एक और सुविधा की शुरुआत की है। इसमें उमंग ऐप के जरिये ईपीएफओ के सदस्य योजना प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते हैं।

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