नयी दिल्ली, 26 अगस्त प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को बताया कि उसने कथित रूप से पोंजी योजना चलाकर 1,786 करोड़ रुपये की सार्वजनिक निधि का गबन करने वाली पश्चिम बंगाल की एक कंपनी के दो निदेशकों को गिरफ्तार किया है।
केन्द्रीय एजेंसी ने एक बयान में कहा, एमपीएस ग्रीनरी डेवलपर्स लिमिटेड के निदेशकों प्रबीर कुमार चंद और प्रणब कुमार दास को 24 अगस्त को गिरफ्तार कर कोलकाता में धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जिसने दोनों को एक सितंबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।
एमपीएस ग्रीनरी डेवलपर्स लिमिटेड ने 1999-2000 से लेकर 2013-2014 के बीच विभिन्न ‘फर्जी’ आय योजनाओं के माध्यम से निवेशकों से 2,682 करोड़ रुपये वसूले। कंपनी ने निवेशकों से धन ऐंठने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के बैंकिंग नियमों और सेबी के बाजार नियमों का उल्लंघन करते हुए कृषि, बागवानी और सागौन बांड जारी किये।
कंपनी का नियंत्रण और प्रबंधन उसके सीएमडी प्रमाथ नाथ मन्ना, गिरफ्तार किए गए दोनों निदेशकों और अन्य अधिकारियों के पास था।
ईडी ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने एमपीएस ग्रीनरी डेवलपर्स लिमिटेड और एसोसिएटेड फर्म से जुड़ी कंपनियों को 1,786 करोड़ रुपये का अंतरण किया।
उसने दावा किया है, ‘‘अंतत: धन को नकदी के रूप में निकाला गया, तीसरे पक्ष को अंतरित किया गया और निदेशकों तथा उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियां खरीदी गईं।’’
अर्पणा संतोष
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