नयी दिल्ली, 11 जून दिल्ली की एक अदालत ने कहा है कि किसी मामले में जमानत पर रिहा आरोपी को कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पुलिस थाने में उपस्थित होकर हाजिरी लगाने का निर्देश नहीं दिया जाना चाहिए।
अदालत ने हत्या के एक मामले एक व्यक्ति को अंतरिम जमानत देते हुए यह व्यवस्था दी। अदालत ने बुधवार को जारी आदेश में आरोपी को अपने मोबाइल फोन का ‘लोकेशन’ संबद्ध थाने में साझा कर अपनी हाजिरी लगाने की अनुमति दी।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नवीन कुमार कश्यप ने कहा, ‘‘अब से पहले अदालत आरोपी को थाना प्रभारी के समक्ष सशरीर उपस्थित होकर हाजिरी लगाने का आदेश जारी कर रही थी। आज कोरोना वायरस महामारी के समय में, संक्रमण को ध्यान में रखते हुए और लॉकडाउन के कारण आरोपी को हो सकने वाली असुविधा के मद्देनजर अदालत द्वारा आरोपी को पुलिस थाने में उपस्थित होकर हाजिरी लगाने का निर्देश नहीं देना चाहिए। इसलिए, इसके बजाय एक व्यवहारिक विकल्प का आदेश देना चाहिए।’’
न्यायाधीश ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये हुई सुनवाई में आरोपी को अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप डालने और जीपीएस तथा ब्लूटूथ को 45 दिनों की अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान हर समय चालू रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने आरोपी को 20,000 रुपये का एक निजी मुचलका भरने और इतनी ही राशि की जमानत देने का भी निर्देश दिया।
उल्लेखनीय है कि एक स्थानीय व्यक्ति की हत्या के सिलसिले में आरोपी आदिल को 2015 में गिरफ्तार किया गया था।
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