रात 11 बजे घोषित कर्फ्यू से करीब एक घंटे पहले पुलिस ने 1,000 से अधिक लोगों की भीड़ पर बड़े पैमाने पर आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस व्हाइट हाउस से आने वाली सड़क के साथ लगने वाले लाफयेट्ट पार्क को साफ कराने और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश की।
प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर लगे चिह्नों और प्लास्टिक के अवरोधक जमा किए और एच स्ट्रीट के बीचों-बीच उन्हें आग लगा दी।
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कुछ ने पास की इमारत से अमेरिकी ध्वज उतारा और उसे आग में फेंक दिया। अन्य ने पेड़ों की टहनियां तोड़कर डाली। पार्क के उत्तरी हिस्से में स्थित अंगारनुमा ढांचा पूरी तरह जल गया।
वहीं कई मील दूर उत्तर में, उत्तरपश्चिम डीसी में, मेरीलैंड सीमा के पास एक अलग प्रदर्शन शुरू हो गया।
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मेट्रोपोलिटन पुलिस विभाग ने कहा कि एक किराने की दुकान और शॉपिंग सेंटर में सेंधमारी की कोशिश भी गई। पुलिस ने कहा कि कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
इससे पहले, पुलिस बर्बरता को खत्म करने की अपील के बीच अमेरिका के कई हिस्सों में रविवार को एक बार फिर हिंसा भड़क गई।
प्रदर्शनकारी बोस्टन से लेकर सैन फ्रांसिस्को तक सड़कों पर उतर आए।लोगों ने फिलाडेल्फिया और कैलिफोर्निया के सांता मोनिका में दिन-दहाड़े दुकानों को लूट लिया। मिनेपोलिस में, एक टैंकर ट्रक शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही भी़ड़ के बीच घुस आया हालांकि किसी भी प्रदर्शनकारी को चोट नहीं आई।
मिनेसोटा स्टेट पट्रोल ने ट्वीट किया कि चालक स्पष्ट तौर पर प्रदर्शनकारियों को उकसाने की कोशिश कर रहा था और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
फ्लॉयड की गर्दन पर कई मिनट तक घुटने से दबाव बनाने वाले अधिकारी पर हत्या के आरोप लगे हैं लेकिन प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मौके पर मौजूद अन्य तीन अधिकारियों पर भी मुकदमा चलना चाहिए । इस बीच चारों अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
पड़ोस के सेंट पॉल में हजारों लोग स्टेट कैपिटल के सामने शांतिपूर्ण ढंग से एत्र हुए और प्रदर्शन जारी रखने की प्रतिज्ञा ली।
मिनेसोटा के गवर्नर ने हिंसा को शांत करने के लिए नेशनल गार्ड के हजारों सैनिक बुलवाए हैं। इस हिंसा में मिनेसोटा में हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त या बर्बाद हो गई हैं।
तनाव उस वक्त बढ़ गया था जब मिनेसोटा में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों के समूह ने लाफयेट्ट पार्क में प्रदर्शन कर रहे समूह के साथ आने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
अटलांटा, शिकागो, डेनवर, लॉस एंजिलिस, सैन फ्रांसिस्को और सिएटल समेत अमेरिका के बड़े शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया। नेशनल गार्ड के करीब 5,000 सैनिकों एवं एयरमेन को 15 राज्यों, वाशिंगटन डीसी में तैनात किया गया है।
रविवार को ट्वीट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अराजक तत्वों और मीडिया पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था। अटर्नी जनरल विलियम बार “धुर वामपंथी चरमपंथी” समूहों को दोष दे रहे हैं। वहीं, पुलिस प्रमुख और नेता बाहरी लोगों के आने और समस्या पैदा करने की बात कर रहे हैं।
यह आक्रोश यूरोप तक भी फैल गया है जहां हजारों लोग लंदन के ट्रेफलगर स्कॉयर में एकत्र हुए और प्रदर्शन किया।
इंडियानापोलिस में, हिंसा में दो लोगों की मौत होने की भी खबर है।
उधर मिनेपोलिस में फ्लॉयड की मौत को लेकर अपने ट्वीट से आक्रोश पैदा करने वाले मिसिसिपी के श्वेत मेयर ने माफी मांग ली है लेकिन कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे।
पेटल मेयर हाल मार्क ने कहा कि फ्लॉयडी की मौत पर की गई उनकी टिप्पणी “जल्दबाजी में और बिना सोचे समझे की गई थी।”
उन्होंने एक साक्षात्कार में ‘हेटिसबर्ग अमेरिकन’ अखबार से कहा, “मैं उनसे माफी मांगता हूं जिन्हें मेरी टिप्पणी असंवेदनशील लगी और मैं अपने शहर के लोगों से भी माफी मांगता हूं।”
उन्होंने कहा था कि फ्लॉयड की मौत में उन्हें कुछ भी अनुचित नहीं लगा।
एपी
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