12 जून की बड़ी खबरें और अपडेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.रिटेल पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल की थोक बिक्री पर 90 दिनों के लिए लगा प्रतिबंध

दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को 30 साल की जेल

सालों तक कोमा में रहने के बाद थाईलैंड की राजकुमारी का निधन

पूर्व भारतीय शूटर जसपाल राणा का 49 साल की उम्र में निधन

महंगाई और सरकारी खर्च के खिलाफ जकार्ता में छात्रों का प्रदर्शन

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में शुक्रवार को सैकड़ों छात्रों ने बढ़ती महंगाई, ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. करीब 1,500 प्रदर्शनकारी होटल इंडोनेशिया ट्रैफिक सर्कल की ओर मार्च करने निकले, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया. राष्ट्रपति भवन की ओर जाने वाले रास्तों को भी बंद कर दिया गया और करीब 6,000 पुलिस-सैनिकों को तैनात किया गया.

अभिजीत दीपके बोले, यह बस शुरुआत है

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक परिस्थितियों के कारण रोज का खर्च चलाना महंगा हो गया है. इंडोनेशियाई रुपिया भी दबाव में है और हाल ही में यह 18,000 प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर तक पहुंच गया. छात्रों ने सरकार से “फिजूल खर्च” कम करने, जरूरी चीजों की कीमत घटाने और मुफ्त भोजन योजना जैसे बड़े सरकारी कार्यक्रमों को रोकने की मांग की, जिसकी लागत इस साल करीब 15 अरब डॉलर बताई जा रही है.

छात्र संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर नहीं है और सैन्य दखल बढ़ना लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकता है. इससे पहले अगस्त में हुए बड़े छात्र आंदोलनों के बाद यह सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है. जकार्ता के अलावा बांडुंग और पोंटियानक शहरों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए.

चीन के शिनजियांग में भयंकर बाढ़ की चेतावनी

चीन के शिनजियांग और आसपास के इलाकों में अत्यधिक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. स्थानीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि असामान्य गर्मी, भारी बारिश और तेजी से पिघलते ग्लेशियर इस स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं. जून की शुरुआत में ही ताकलामाकान रेगिस्तान में इस साल की पहली बाढ़ देखी गई, जो आमतौर पर अगस्त में होती है. इस साल तापमान सामान्य से करीब 7 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया, जिससे हालात तेजी से बदले हैं.

सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप क्यों बन गया है यूरोप

पश्चिमी और दक्षिणी शिनजियांग में हाल के दिनों में औसत से कहीं ज्यादा बारिश हुई है, कुछ क्षेत्रों में यह सामान्य से दो से तीन गुना तक रही. इसके साथ ही तियानशान और कुनलुन पर्वतों के ग्लेशियर और बर्फ तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे बड़ी मात्रा में पानी तारिम नदी में पहुंच रहा है. नदी का जलस्तर बढ़ने से वह कई जगहों पर किनारों से बाहर निकल गई और पानी रेगिस्तानी इलाकों में फैल गया.

गर्म होती जलवायु के कारण हिमालयी नदियां हुईं और अस्थिर, निचले इलाकों पर बढ़ा खतरा

हालांकि यह बाढ़ अस्थायी रूप से कुछ इलाकों में हरियाली ला सकती है, विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी और तेज वाष्पीकरण के कारण यह पानी ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा. वहीं, बाढ़ से सड़कों, ट्रेन ट्रैक और तेल-गैस ढांचे को नुकसान पहुंचने का खतरा है.

हिजाब नियमों के उल्लंघन के आरोप में तालिबान ने 30 महिलाओं को किया गिरफ्तार

संयुक्त राष्ट्र की महिला अधिकार एजेंसी 'यूएन वीमेन' ने गुरुवार को जानकारी दी कि तालिबान अधिकारियों ने सख्त ड्रेस कोड का उल्लंघन करने के आरोप में कम से कम 30 महिलाओं को हिरासत में लिया है. संयुक्त राष्ट्र ने इन गिरफ्तारियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि तालिबान के इस हालिया कड़े कदम ने अफगान महिलाओं और युवतियों के बीच डर और असुरक्षा के माहौल को और ज्यादा बढ़ा दिया है.

तालिबान और रूस के बीच क्यों बढ़ रही नजदीकियां?

यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब अफगानिस्तान में महिलाओं के बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. तालिबान के इस बढ़ते दमन के खिलाफ पिछले दिनों ही देश के पश्चिमी शहर हेरात में दर्जनों लोगों ने एकजुट होकर एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. इस प्रदर्शन में नागरिकों ने महिलाओं के खिलाफ तालिबान अधिकारियों की मनमानी और क्रूर कार्रवाइयों की खुलेआम निंदा की थी, जिसे तालिबान प्रशासन की बंदिशों के खिलाफ एक बड़े जन-आक्रोश के रूप में देखा जा रहा है.

साल 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर दोबारा कब्जा करने के बाद से ही तालिबान ने महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह बेदखल करने के लिए कई दमनकारी नीतियां लागू की हैं. इसके तहत लड़कियों के लिए छठी कक्षा से आगे की स्कूली शिक्षा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे लाखों लड़कियां उच्च शिक्षा से महरूम हो चुकी हैं. इसके साथ ही, सार्वजनिक क्षेत्रों और गैर-सरकारी संगठनों में महिलाओं के काम करने पर बेहद कड़े प्रतिबंध लागू हैं, जिसके कारण उनके रोजगार के अवसर लगभग खत्म हो चुके हैं.

एल नीनो का वैश्विक मौसम पर दिखेगा बड़ा असर

प्रशांत महासागर में 'एल नीनो' नामक जलवायु घटना सक्रिय हो चुकी है और मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह इस साल ऐतिहासिक रूप से बेहद मजबूत हो सकती है. अमेरिकी मौसम एजेंसी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि इसके 1950 के बाद के सबसे बड़े एल नीनो में शामिल होने की 63 फीसदी संभावना है. एल नीनो के दौरान समुद्र का पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता है, जिससे वैश्विक मौसम पैटर्न बदल जाते हैं और दुनिया भर में तापमान बढ़ने लगता है.

पढ़ें रिपोर्ट: पूरी दुनिया के मौसम को प्रभावित करने वाले ला नीना और अल नीनो क्या हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह एल नीनो पहले से ही गर्म हो रहे ग्रह में और अधिक गर्मी जोड़ देगा, जिससे हीटवेव, बाढ़, सूखा और जंगलों में आग जैसी चरम घटनाएं बढ़ सकती हैं. दक्षिण अमेरिका में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा है, जबकि भारत में तेज गर्मी की लहरें आ सकती हैं. ऑस्ट्रेलिया में सूखा और आग की घटनाएं बढ़ सकती हैं, वहीं पूर्वी अफ्रीका में पहले सूखा और फिर भारी बारिश जैसी स्थिति बन सकती है.

चीन का दावा, कछुओं और मछलियों के जरिए हो रही है उसके जल क्षेत्र की निगरानी

चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालय ने कहा है कि विदेशी खुफिया एजेंसियां देश के समुद्री क्षेत्रों की निगरानी के लिए अब अत्याधुनिक तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं. चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'वीचैट' पर शुक्रवार को किए गए एक पोस्ट में मंत्रालय ने आगाह किया कि चीन के आसपास के समुद्रों में एक 'अदृश्य खुफिया युद्ध' चुपचाप जारी है. विदेशी एजेंसियां विभिन्न नए जासूसी उपकरणों के जरिए पानी के नीचे के संवेदनशील नक्शे तैयार कर रही हैं, जो चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुके हैं.

क्या जर्मनी की धुर-दक्षिणपंथी पार्टी रूस के लिए जासूसी कर रही है?

मंत्रालय ने दावा किया कि इस्तेमाल की जा रही इन जासूसी तकनीकों में बड़े समुद्री जीव भी शामिल हैं. चीनी जल क्षेत्र में तैरते हुए ऐसे कई 'जासूसी कछुए' और 'जासूसी मछलियां' पाई गए हैं, जिनके शरीर पर हाई-टेक सेंसर लगाए गए थे. ये जीव पानी के तापमान, खारेपन और समुद्री धाराओं जैसे संवेदनशील डेटा को रियल-टाइम में इकट्ठा कर रहे हैं और फिर उपग्रह के माध्यम से इसे विदेशों में भेज रहे हैं. हालांकि, चीन ने अपने इस आधिकारिक बयान में यह स्पष्ट नहीं किया है कि ये जीव वास्तव में किस इलाके में मिले हैं और इन्हें किस देश ने भेजा है.

भारत या चीनी कैमरे: नई नीति से कौन जीतेगा, कौन हारेगा?

चीनी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने समंदर में संदिग्ध जासूसी उपकरणों को खोजने और उनकी जानकारी देने के लिए स्थानीय मछुआरों के लिए बड़े इनाम की घोषणा की है. कोई भी संदिग्ध डिवाइस ढूंढने वाले मछुआरे को 50,000 से लेकर 5 लाख युआन तक का भारी नकद इनाम दिया जा रहा है.

रडार सेंसर नियमों में ढील, अब तेजी से आएंगी सेफ्टी फीचर्स वाली गाड़ियां

भारत सरकार ने सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए ऑटोमोबाइल रडार सेंसर के उपयोग पर लाइसेंस की अनिवार्यता खत्म कर दी है. अब 77 से 81 गीगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी बैंड में काम करने वाले रडार सेंसर बिना अतिरिक्त अनुमति के इस्तेमाल किए जा सकेंगे. इस बदलाव से कार कंपनियों को एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम और सेल्फ‑ड्राइविंग तकनीक को आसानी से अपनाने का रास्ता मिल गया है.

यह तकनीक गाड़ियों को आसपास के वाहनों और बाधाओं का पता लगाने में मदद करती है, जिससे इमरजेंसी ब्रेकिंग, अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल और ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं काम करती हैं. भारत में सड़क हादसों की स्थिति गंभीर है, 2024 में करीब 5 लाख दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 1.77 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई. ऐसे में सरकार का यह फैसला हादसों को कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

इस नीति बदलाव से मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी कंपनियों के साथ‑साथ बॉश और कॉन्टिनेंटल जैसे ग्लोबल सप्लायर को भी फायदा होगा. साथ ही, भारत अब अमेरिका और यूरोप के उन मानकों के अनुरूप हो गया है, जहां इसी फ्रीक्वेंसी बैंड का उपयोग पहले से किया जा रहा है.

आज दुनिया के पहले 'ट्रिलियनेयर' बन जाएंगे इलॉन मस्क

एक्स के मालिक इलॉन मस्क दुनिया में पहले 'ट्रिलियनेयर'(1 लाख करोड़ डॉलर की संपत्ति के मालिक) बनने की दहलीज पर पहुंच गए हैं. फोर्ब्स की ताजा गणना के मुताबिक, मस्क को इस मुकाम पर पहुंचाने में उनकी रॉकेट निर्माता कंपनी स्पेसएक्स के रिकॉर्ड तोड़ आईपीओ की कीमतों का सबसे बड़ा हाथ है. स्पेसएक्स के आईपीओ और इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला में उनकी हिस्सेदारी को मिलाकर मस्क की कुल नेटवर्थ अब 982 अरब डॉलर आंकी गई है, जो उन्हें इस ऐतिहासिक मुकाम के बेहद करीब लाती है.

फोर्ब्स ने बताया कि स्पेसएक्स के चेयरमैन और सीईओ के रूप में मस्क के पास कंपनी के 4.8 अरब शेयर हैं, जिनकी वैल्यू आईपीओ प्राइस के हिसाब से 644 अरब डॉलर है. इसके अलावा, उनके पास 44 अरब डॉलर की कीमत वाले स्टॉक भी मौजूद हैं. इस तरह स्पेसएक्स में उनकी कुल हिस्सेदारी लगभग 38 फीसदी है, जिसकी नेट वैल्यू 688 अरब डॉलर बैठती है. यह हिस्सेदारी आज के समय में उनकी कमाई और नेटवर्थ का सबसे बड़ा जरिया बनकर उभरी है.

मस्क और ओपन एआई की लड़ाई में असल हार किसकी?

स्पेसएक्स के अलावा मस्क की दौलत को दूसरी बड़ी ताकत टेस्ला से मिलती है. मस्क के पास 1.5 खरब डॉलर की कुल मार्केट कैप वाली कार कंपनी टेस्ला के 10 फीसदी से अधिक शेयर हैं, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 165 अरब डॉलर है. इसके साथ ही उनके पास टेस्ला में करीब 8 फीसदी की अतिरिक्त हिस्सेदारी हासिल करने के विकल्प भी सुरक्षित हैं, जिनकी मौजूदा वैल्यू 114 अरब डॉलर है.

कनाडा में भारतीय प्रवासियों को ठगी से बचने के लिए दूतावास ने जारी की चेतावनी

कनाडा के टोरंटो में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को आगाह किया है कि इन दिनों कनाडा में भारतीय राजनयिक अधिकारियों के नाम पर फर्जी टेलीफोन कॉल के जरिए ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं. मिशन को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं जिनमें जालसाज तकनीकी हेरफेर के जरिए खुद को भारतीय वाणिज्य दूतावास का प्रतिनिधि बताकर लोगों को निशाना बना रहे हैं.

दूतावास के अनुसार, ये जालसाज सीधे तौर पर कनाडाई वीजा, स्थायी निवास, इमिग्रेशन स्टेटस और कनाडा में नौकरी के फर्जी प्रस्तावों का हवाला देते हैं. खुद को टोरंटो स्थित भारतीय दूतावास का बड़ा अधिकारी बताकर ये कॉल करने वाले लोग भारतीय नागरिकों को कानूनी पचड़ों में फंसाने का डर दिखाते हैं और फिर उनसे व्यक्तिगत जानकारी या बड़ी रकम ऐंठने की कोशिश करते हैं.

नियम बदलने के बाद कनाडा की नागरिकता लेने वालों में अमेरिकी सबसे आगे

दूतावास ने साफ शब्दों में कहा है कि उसका कनाडाई वीजा जारी करने, पीआर आवेदनों को मंजूरी देने, इमिग्रेशन की स्थिति तय करने या कनाडा में नौकरी के ऑफर देने से कोई संबंध नहीं है और न ही यह उसके कानूनी दायरे में आता है. दूतावास ने भारतीय प्रवासियों से अपील की है कि वे फोन पर की जाने वाली किसी भी मांग के आगे झुककर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और न ही कोई पैसा ट्रांसफर करें.

यूरोप में नाटो की सैन्य शक्ति घटाएगा अमेरिका

अमेरिकी सरकार यूरोप में नाटो अभियानों के लिए तैनात किए जाने वाले अपने लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों की संख्या में भारी कटौती करने की योजना बना रही है. 'न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन का यह रणनीतिक कदम ट्रांस अटलांटिक सुरक्षा गठबंधन के भीतर सैन्य समीकरणों को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकता है. जून की शुरुआत में सहयोगियों के साथ साझा किए गए एक लिखित दस्तावेज के हवाले से बताया गया है कि इस कटौती का सीधा असर उन प्रमुख अमेरिकी सैन्य संपत्तियों पर पड़ेगा जो नाटो के हवाई और समुद्री रक्षा अभियानों का मुख्य आधार रही हैं.

इस प्रस्तावित सैन्य कटौती के तहत यूरोप में तैनात अमेरिकी एफ-16 और एफ-15ई लड़ाकू विमानों की संख्या को लगभग 150 से घटाकर 100 करने की योजना है, जबकि समुद्री टोही विमानों की संख्या को भी 26 से घटाकर 15 किया जा रहा है. सबसे बड़ा झटका नाटो के हवाई अभियानों को लग सकता है, क्योंकि अमेरिका यूरोप की सुरक्षा के लिए पहले से उपलब्ध कराए गए अपने सभी 8 हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर विमानों को वहां से पूरी तरह हटा रहा है.

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने अभी तक इस सैन्य कटौती की किसी निश्चित समयसीमा की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है और आंकड़ों पर सीधी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. इसके बजाय, अमेरिकी यूरोपीय कमान ने साफ किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने सभी नाटो सहयोगियों को पहले ही सूचित कर दिया है कि वह देश की '2026 नेशनल डिफेंस स्ट्रेटेजी' के तहत अपने सैन्य योगदान का उचित आकार तय कर रहा है.

ओमान में भारतीय जहाज पर हमले के बाद भारत ने अमेरिकी राजनयिक को तलब किया

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को ओमान तट के पास वाणिज्यिक जहाज एमटी जलवीर पर हुए हमले के बाद अमेरिका के चार्जे द’अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया. इस जहाज पर 20 भारतीय नाविक सवार थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित बचा लिया गया. विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) ने गुरुवार को हुए इस हमले को लेकर अमेरिकी दूतावास से जवाब मांगा.

यूएई के बराका परमाणु संयंत्र के पास ड्रोन हमले से आग

यह दूसरी बार है जब नई दिल्ली ने ऐसे घटनाक्रम को लेकर अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है. भारत ने इस तरह की घटनाओं को गंभीर सुरक्षा चिंता बताते हुए समुद्री मार्गों पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. सरकार ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है.

इस घटना से कुछ दिन पहले ही एक अन्य हमले में लापता हुए तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई थी. लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए भारत ने इसे गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है.

भारत ने परमाणु ऊर्जा उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी माफ की

भारत सरकार ने परमाणु ऊर्जा उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कुछ खास सामानों के आयात पर कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) माफ कर दी है. यह छूट 1 अप्रैल 2019 से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि के लिए लागू होगी. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस अवधि में जिन कंपनियों ने परमाणु ऊर्जा से जुड़े पात्र सामान आयात किए थे, उन पर अब कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी. यानी सरकार ने यह छूट पिछली तारीख से लागू की है.

परमाणु ऊर्जा की ओर लौटने के खिलाफ हैं जर्मन चांसलर

सरकार द्वारा दी गई राहत गैर-विकिरणित फ्यूल एलिमेंट्स और न्यूक्लियर रिएक्टरों में इस्तेमाल होने वाले कार्ट्रिज के आयात पर लागू होगी. ये सामान परमाणु बिजली उत्पादन में अहम भूमिका निभाते हैं.

सरकार ने कहा कि इस तरह के आयात पर कस्टम ड्यूटी न लेने की प्रथा पहले से ही चल रही थी. अब इसे औपचारिक रूप से मान्यता दे दी गई है, ताकि इस अवधि के आयात पर कोई टैक्स देनदारी न रहे.

परमाणु ऊर्जा को और बढ़ाने के लिए कानून में संशोधन करेगा भारत

इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) को होने की उम्मीद है, एनपीसीआईएल देश के परमाणु बिजली संयंत्रों के लिए फ्यूल असेंबली और अन्य जरूरी सामग्री आयात करती है.

भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ेगा सहयोग, संयुक्त गश्त पर सहमति

भारत और बांग्लादेश ने अपनी साझा सीमा पर सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है. नई दिल्ली में चार दिन तक चली बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने बेहतर खुफिया जानकारी साझा करने और समन्वित गश्त बढ़ाने पर सहमति जताई. सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों ने मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया.

‘पुश‑इन’ के आरोपों पर भारत‑बांग्लादेश में बढ़ती कड़वाहट

हाल के महीनों में अवैध प्रवासन को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है. बांग्लादेश ने आरोप लगाया है कि भारत बिना उचित प्रक्रिया के कथित प्रवासियों को सीमा पार धकेलने की कोशिश कर रहा है, जिसे उसने पूरी तरह अस्वीकार्य बताया. इस बीच भारत ने बांग्लादेश से 2,800 से ज्यादा संदिग्ध नागरिकों की पहचान की पुष्टि करने को कहा है, वहीं बांग्लादेश ने इस मुद्दे पर कई बार आपत्ति दर्ज कराई है.

बैठक में मानव तस्करी, तस्करी नेटवर्क, सीमा पर मौतों और अवैध आवाजाही जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. बांग्लादेश ने सीमा पर निगरानी बढ़ाने के लिए ड्रोन और अतिरिक्त बल तैनात किए हैं, जबकि दोनों देशों ने संयुक्त कार्रवाई तेज करने पर सहमति जताई. अगली बैठक नवंबर में ढाका में आयोजित की जाएगी, जहां इस सहयोग की प्रगति की समीक्षा की जाएगी.

रिटेल पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल की थोक बिक्री पर 90 दिनों के लिए लगा प्रतिबंध

भारत सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की बिक्री को लेकर नए प्रतिबंध लागू किए हैं. सरकारी अधिसूचना के अनुसार, अब रिटेल पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदने पर रोक रहेगी और संस्थागत व व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत का ईंधन उनके निर्धारित उपभोक्ता या कैप्टिव पंपों से ही लेना होगा.

सरकार का कहना है कि यह कदम रियायती या रिटेल कीमतों पर मिलने वाले ईंधन के दुरुपयोग और दूसरी जगह बेचे जाने (डायवर्जन) को रोकने के लिए उठाया गया है. यह आदेश फिलहाल 90 दिनों तक लागू रहेगा, हालांकि सरकार चाहे तो इसे पहले वापस ले सकती है या इसमें बदलाव कर सकती है.

नए नियमों के तहत पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल न बेचें. इसके अलावा, पेट्रोल पंप से खरीदे गए डीजल को आगे दोबारा बेचने पर भी रोक लगा दी गई है. इससे बड़ी मात्रा में ईंधन की आवाजाही पर निगरानी और सख्त होगी.

सरकार ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिटेल पेट्रोल पंपों पर बिकने वाला ईंधन मुख्य रूप से आम उपभोक्ताओं के उपयोग में आए. वहीं, बड़े संस्थानों और व्यावसायिक ग्राहकों को अपनी जरूरत का ईंधन अधिकृत माध्यमों से खरीदना होगा. इस प्रतिबंध का असर बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है.

दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को 30 साल की जेल

दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने शुक्रवार को देश के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को उत्तर कोरिया में सैन्य ड्रोन भेजने के जुर्म में 30 साल जेल की सजा सुनाई है. दक्षिण कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी योनहाप के अनुसार, सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने इस मामले पर फैसला सुनाते हुए यून सुक येओल को सत्ता के दुरुपयोग और दुश्मन की मदद करने का दोषी पाया है.

अदालत में अभियोजकों ने आरोप लगाया था कि यून का यह कदम उत्तर कोरिया के साथ जानबूझकर सैन्य तनाव बढ़ाने और दिसंबर 2024 में देश में मार्शल लॉ लगाने के उनके असफल प्रयास को सही ठहराने की एक सोची-समझी साजिश थी. हालांकि, यून ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है.

इस हाई-प्रोफाइल मामले में केवल पूर्व राष्ट्रपति ही नहीं, बल्कि उनके सबसे करीबी सहयोगी और देश के पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ह्यून को भी अदालत ने बराबर का दोषी माना है. शुक्रवार को अदालत ने ह्यून को भी उनके पूर्व बॉस के साथ सह-आरोपी पाते हुए 30 साल जेल की सजा काटने का आदेश सुनाया. इन दोनों शीर्ष अधिकारियों पर अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए देश की सुरक्षा को दांव पर लगाने और शक्तियों का गलत इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप पूरी तरह सिद्ध हुए हैं.

सालों तक कोमा में रहने के बाद थाईलैंड की राजकुमारी का निधन

पिछले तीन साल से भी अधिक समय से कोमा में चल रहीं थाईलैंड की राजकुमारी बज्रकीतियाभा का 47 साल की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया है. बैंकॉक स्थित शाही महल द्वारा जारी बयान के अनुसार, वे पिछले कुछ समय से पेट के गंभीर संक्रमण से पीड़ित थीं और डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी.

नाजी शासन को चुनौती देने वाली भारतीय राजकुमारी, कैथरीन दलीप सिंह

राजकुमारी बज्रकीतियाभा थाईलैंड के वर्तमान राजा महा वजीरालोंगकोर्न की सबसे बड़ी बेटी थीं और उन्हें देश की जनता के बीच बेहद सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था. दिसंबर 2022 में थाईलैंड के एक उत्तर-पूर्वी प्रांत के दौरे के दौरान, दिल की एक गंभीर बीमारी के चलते राजकुमारी अचानक बेहोश हो गई थीं. उस वक्त उन्हें तुरंत सैन्य हेलीकॉप्टर के जरिए इलाज के लिए राजधानी बैंकॉक लाया गया था और तब से वे लगातार अस्पताल में ही भर्ती थीं और लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर कोमा में थीं.

वो शहजादी जिसने बदल दी सऊदी अरब में खेलों की दुनिया

शाही महल ने जानकारी दी है कि राजकुमारी के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए बैंकॉक के ग्रैंड पैलेस में पूरे राजकीय सम्मान के साथ रखा जाएगा, जहां देश के नागरिक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे. राजकुमारी की अंत्येष्टि शाही परंपराओं के अनुसार सर्वोच्च सम्मान के साथ की जाएगी.