कोलकाता, 17 सितंबर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के यह दावा करने के एक दिन बाद कि पश्चिम बंगाल को मनरेगा का बकाया जारी नहीं किये जाने के मुद्दे पर दिल्ली पुलिस ने उसे विरोध-प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि यदि टीएमसी राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ी तो उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाली दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी में ममता बनर्जी की पार्टी के किसी भी हंगामे को बर्दाश्त नहीं करेगी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘उनके नेता अभिषेक बनर्जी ने पहले कहा था कि पार्टी अक्टूबर में 20 लाख लोगों को दिल्ली ले जाएगी। हम यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि क्या वास्तव में लाखों लोग राजधानी की सड़कों पर उतरेंगे।’’
शनिवार को, टीएमसी ने कहा था कि वह पश्चिम बंगाल को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का बकाया जारी नहीं करने को लेकर नयी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन करना चाहती थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उसके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया।
टीएमसी नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शनिवार को कहा था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी तथा पार्टी के सांसद, विधायक और जिलों के नेता दो अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन नयी दिल्ली स्थित राजघाट पर पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
भट्टाचार्य ने कहा था कि अगले दिन यानी तीन अक्टूबर को बनर्जी अपने भतीजे और अन्य नेताओं के साथ केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह से मिलेंगी। सिंह से मुलाकात के दौरान टीएमसी नेता महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत लंबे समय से लंबित बकाया राशि जारी नहीं करने का मुद्दा उनके समक्ष रखेंगे।
अधिकारी पर पलटवार करते हुए टीएमसी के राज्यसभा सदस्य एवं प्रवक्ता शांतनु सेन ने कहा, ‘‘अवसरवादी दलबदलू अधिकारी के शब्द भाजपा के तानाशाही, अलोकतांत्रिक रुख की पुष्टि करते हैं जो किसी भी लोकतांत्रिक विरोध को कुचलना चाहता है।’’
राष्ट्रीय राजधानी में दो साल पहले हुए किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए सेन ने कहा, ‘‘भाजपा किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन को क्रूर पुलिस बल से कुचलना चाहती है।’’
टीएमसी प्रमुख ने 11 सितंबर को कहा था कि यदि महात्मा गांधी की जयंती पर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई तो उनकी पार्टी के लोग राजघाट पर प्रार्थना सभा आयोजित करेंगे।
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