नयी दिल्ली, 26 जुलाई बैंकिंग और सार्वजनिक उपक्रम कोषों समेत त्वरित खरीद फरोख्त सुविधा वाली योजनाओं में निवेश के दम पर जून तिमाही में डेट म्यूचुअल कोषों में 1.1 लाख करोड़ रुपये का निवेश देखने को मिला। जून तिमाही में रिणपत्रों से जुड़े म्यूचुअल फंड में यह बड़ा निवेश एक तिमाही पहले की भारी-भरकम निकासी के बाद देखने को मिली है।
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, निश्चियत आय वाली प्रतिभूतियों अथवा डेट कोषों में निवेश करने वाली अधिकांश व्यक्तिगत श्रेणियों में निवेश की आमद देखी गयी है। हालांकि, क्रेडिट जोखिम, अत्यल्प अवधि, मध्यम अवधि तथा गतिशील बांड कोषों में निकासी देखने को मिली है।
आंकड़ों के अनुसार, सकारात्मक प्रवाह ने जून अंत में डेट म्यूचुअल फंड के परिसंपत्ति आधार को 11.63 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा दिया, जो मार्च तिमाही के अंत में 11.5 लाख करोड़ रुपये था।
जनवरी-मार्च 2020 तिमाही में 1.13 लाख करोड़ रुपये की निकासी हुई। वहीं साल भर पहले की समान तिमाही यानी जून 2019 तिमाही में ऐसे कोषों को 19,690 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ था।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान तरल कोषों को 86,493 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। मार्च तिमाही में इनसे 94,180 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी।
इसी तरह जून तिमाही में बैंकिंग व सार्वजनिक उपक्रम श्रेणी को 20,912 करोड़ रुपये के निवेश प्राप्त हुए। मार्च तिमाही में इनसे 66 करोड़ रुपये निकाले गये थे।
कॉरपोरेट बांड में निवेशकों ने 18,738 करोड़ रुपये डाले। हालांकि क्रेडिट जोखिम वाले कोषों से 25,905 करोड़ रुपये की निकासी देखने को मिली। इनसे अप्रैल में 19,239 करोड़ रुपये, मई में 5,173 करोड़ रुपये और जून में 1,494 करोड़ रुपये निकाले गये।
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