चक्रवात ‘असानी’ कमजोर पड़ा: ओडिशा, बंगाल में भारी बारिश की संभावना
चक्रवात ‘असानी’ के कारण ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि भीषण चक्रवात ‘असानी’ बुधवार को एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होते हुए उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ गया और इस दौरान क्षेत्र में 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं.
भुवनेश्वर/कोलकाता, 11 मई : चक्रवात ‘असानी’(Asani) के कारण ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि भीषण चक्रवात ‘असानी’ बुधवार को एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होते हुए उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ गया और इस दौरान क्षेत्र में 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. विभाग के अनुसार, चक्रवात के बृहस्पतिवार तक और कमजोर पड़ने और एक निम्न दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने राष्ट्रीय बुलेटिन में बताया, ‘‘ इसके अगले कुछ घंटों में उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है. बुधवार को दोपहर से शाम के बीच इसके एक बार फिर जोर पकड़ने और नरसापुर, यानम, काकीनाड़ा, तुनी तथा विशाखापत्तनम तटों के साथ उत्तर-उत्तर पूर्व की ओर धीरे-धीरे बढ़ने और रात में उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में समा जाने की संभावना है.’’
ओडिशा सरकार ने पांच दक्षिणी जिलों मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, गंजाम और गजपति में ‘‘हाई अलर्ट’’ की घोषणा की है. इन इलाकों में चक्रवात का असर दिखने की आशंका है, जो ओडिशा से लगभग 200 किलोमीटर दूर काकीनाडा और विशाखापत्तनम के बीच पहुंच सकता है. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, कालाहांडी, गंजाम, गजपति, कंधमाल, नयागढ़, खुर्दा, पुरी, कटक और भुवनेश्वर में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने का पूर्वानुमान है. विशेष राहत आयुक्त पी. के. जेना ने बताया कि राज्य में उत्पन्न होती स्थिति के मद्देनजर ‘ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल’ (ओडीआरएएफ) की 60 इकाइयों और दमकल कर्मियों के 132 दलों को तैनात किया गया है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्यों को अंजाम देने के लिए कुल 50 दलों का गठन किया है.
एनडीआरएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि 50 में से 22 दलों को पश्विम बंगाल, ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश में जमीनी स्तर पर तैनात किया गया है, जबकि अन्य 28 दलों को इन्हीं राज्यों में तैयार रहने को कहा गया है. इस बीच, कोलकाता में मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि चक्रवात से पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. विभाग ने कहा, ‘‘ पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र पूर्व तथा पश्चिम मेदिनीपुर, उत्तर तथा दक्षिण 24 परगना और नादिया जिलों में बृहस्पतिवार सुबह तक एक या दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है.’’ विभाग के अनुसार, कोलकाता में सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में 44.8 मिमी बारिश हुई.
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिम-मध्य और उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में समुद्र में बुधवार शाम तक काफी हलचल रहने और उसके बाद बृहस्पतिवार को उसी क्षेत्र में स्थिति बेहद खराब रहने का पूर्वानुमान है. मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक क्षेत्र से दूर रहने को कहा गया है. उसने कहा कि इस तूफान से आंध्र प्रदेश के कृष्णा के निचले इलाकों, पूर्वी तथा पश्चिम गोदावरी जिलों और पुडुचेरी के यानम में बाढ़ आ सकती है. आईएमडी चक्रवाती तूफान पर नजर बनाए हुए है और सात मई से अभी तक 30 राष्ट्रीय बुलेटिन जारी कर चुका है, ताकि स्थानीय प्रशासन को तूफान के बारे में जानकारी और उससे निपटने के सुझाव दे पाए.
(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2022 02:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

