Odisha Horror: ओडिशा में शिक्षा जगत शर्मसार, कक्षा 7वीं की छात्रा से एक साल से रेप, 5 शिक्षक सहित एक चपरासी गिरफ्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

Odisha Horror: ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सहायता प्राप्त स्कूल के पांच कर्मचारियों को सातवीं कक्षा की छात्रा के साथ एक साल तक कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने शुक्रवार, 20 फरवरी को इस कार्रवाई की पुष्टि की. गिरफ्तार किए गए लोगों में चार शिक्षक और एक स्कूल का चपरासी शामिल है. यह मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उसने अपने परिवार को आपबीती सुनाई.

योजनाबद्ध तरीके से किया गया शोषण

पुलिस जांच के अनुसार, यह उत्पीड़न साल 2024 के अंत में शुरू हुआ और पूरे 2025 के दौरान जारी रहा. पीड़िता स्कूल के पास ही एक स्थानीय हॉस्टल में रहती थी. आरोप है कि स्कूल परिसर के भीतर ही आरोपियों ने छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया. जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने अपने पद और अधिकार का दुरुपयोग करते हुए छात्रा को डराया-धमकाये रखा ताकि वह किसी को कुछ न बता सके.

महिला शिक्षिका पर मिलीभगत का आरोप

मुख्य पांच आरोपियों के अलावा पुलिस ने एक महिला शिक्षिका को भी हिरासत में लिया है. उस पर आरोप है कि उसने छात्रा की पीड़ा को जानने के बावजूद मामले को दबाने की कोशिश की और पुलिस को सूचना नहीं दी. पुलिस का मानना है कि महिला शिक्षिका ने स्कूल की प्रतिष्ठा बचाने के उद्देश्य से अपराध को छिपाने में मदद की.

कड़ी धाराओं में मामला दर्ज

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तीन पुरुष शिक्षक, एक शारीरिक शिक्षा (PT) शिक्षक और एक चपरासी शामिल है. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत सामूहिक दुष्कर्म और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया है. मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता का बयान भी दर्ज कर लिया गया है.

शिक्षा विभाग की कार्रवाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से पांचों आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है. स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रबंधन की ओर से लापरवाही साबित होती है, तो स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है.

सुरक्षा प्रोटोकॉल पर उठे सवाल

इस घटना ने ओडिशा के आवासीय और ग्रामीण स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि नियमों के अनुसार स्कूलों में 'आंतरिक शिकायत समिति' (ICC) और सीसीटीवी कैमरों का होना अनिवार्य है, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका अभाव देखा जा रहा है. सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अब सभी शैक्षणिक संस्थानों में कर्मचारियों के कड़े बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और सुरक्षा ऑडिट की मांग की है.