जरुरी जानकारी | क्रेडेंस का वर्ष में 100 करोड़ रुपये के ऋण देने का लक्ष्य, कैपिटल इंडिया से 2.5 करोड़ डॉलर का निवेश

मुंबई, 19 जुलाई शिक्षा ऋण पर केंद्रित वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी क्रेडेंस ने चालू वित्त वर्ष में विद्यार्थियों को 100 करोड़ रुपये के कर्ज के वितरण का लक्ष्य रखा है। क्रेडेंस को गैर-बैंकिंग ऋणदाता कैपिटल इंडियन फाइनेंस (सीआईएफएल) से 2.5 करोड़ डॉलर (करीब 187 करोड़ रुपये) का निवेश मिला है। सीआईएफएल यह निवेश इक्विटी और ऋण के रूप में करेगी।

दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान में यह जानकारी दी।

इस निवेश के साथ क्रेडेंस ने 2025 तक अपने ऋण खाते को 3,000 करोड़ रुपये पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

क्रेडेंस के सह-संस्थापक मयंक बठेजा ने कहा कि कैपिटल इंडिया ने दो साल की अवधि के लिए परिचालन कोष की प्रतिबद्धता जताई है। क्रेडेंस की जरूरत के हिसाब से यह कोष उपलब्ध होगा।

उन्होंने बताया कि इसका ऋण हिस्सा पहले ही क्रेडेंस को उपलब्ध करा दिया गया है।

उन्होंने कहा कि कंपनी का चालू वित्त वर्ष में छात्र-छात्राओं को 100 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य है।

सीआईएफएल के प्रवर्तक एस के नरवर ने कहा, ‘‘भारत में सालाना आधार पर कॉलेज फीस का खर्च 50 अरब डॉलर या 3.5 लाख करोड़ रुपये है। इसमें से सिर्फ पांच प्रतिशत का वित्त पोषण संगठित क्षेत्र के ऋणदाताओं द्वारा किया जाता है।’’

बठेजा ने बताया कि क्रेडेंस 11 से 14 प्रतिशत की दर पर शिक्षा ऋण उपलब्ध कराती है। देश में उच्च शिक्षा के लिए औसतन सात लाख रुपये का ऋण लेने की जरूरत होती है। इस अवधि सात साल की होती है।

क्रेडेंस की स्थापना 2017 में हुई थी। यह 17 शहरों में 1,000 से अधिक कॉलेजों के विद्यार्थियों को कर्ज उपलब्ध कराती है।

अजय

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)