देश की खबरें | केरल में माकपा ने कांग्रेस प्रमुख पर लगाया आरोप : दोनों पक्षों में कानूनी और राजनीतिक लड़ाई के आसार

कोच्चि, 19 जून केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने प्राचीन वस्तुओं के विवादास्पद स्वयंभू व्यापारी मोनसन मावुंकल को एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में 17 जून को सुनाई गई सजा के बाद केरल प्रदेश कांग्रेस कमिटी (केपीसीसी) अध्यक्ष के. सुधाकरण पर आरोप लगाए हैं। इसके बाद राज्य में दोनों पक्षों के बीच कानूनी और राजनीतिक लड़ाई के आसार पैदा हो गए हैं।

माकपा के आरोपों को कांग्रेस ने ‘साजिश’ करार दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि वाम दल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए निम्नतम स्तर पर पहुंच गया है।

कांग्रेस ने सुधाकरण का नाम कथित तौर पर दुष्कर्म कांड से जोड़ने के मामले में माकपा और उसके राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले गोविंदन ने पार्टी के मुखपत्र ‘देशाभिमानी’ में प्रकाशित एक खबर का हवाला देते हुए दावा किया था कि नाबालिग पीड़िता ने अपराध शाखा को बताया था कि एक स्थान पर जब उससे मावुंकल ने दुष्कर्म किया था तो सुधाकरण भी मौजूद थे और इसलिए अपराध शाखा उन्हें पूछताछ के लिए बुला सकती है।

हालांकि, गोविंदन के दावे के कुछ घंटे बाद ही माकपा को झटका देते हुए केरल पुलिस की अपराध शाखा ने कहा कि नाबालिग पीड़िता द्वारा इस तरह का कोई बयान नहीं दिया गया है।

वाम दल के लिए परिस्थिति को और असहज बनाते हुए मावुंकल के वकील एम. जी. श्रीजीत ने बताया कि उनके मुवक्किल ने सोमवार को अदालत को बताया कि अपराध शाखा के एक वरिष्ठ जांच अधिकारी ने उस पर यह बयान देने के लिए दबाव बनाया कि नाबालिग से जिन स्थानों पर दुष्कर्म किया गया उनमें से एक स्थान पर सुधाकरण भी मौजूद थे।

वकील ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मावुंकल ने जेल से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये अदालत में कहा कि अधिकारी ने यह बयान देने के लिए भी दबाव बनाया कि सुधाकरण को 25 लाख रुपये दिए गए थे।’’

वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को 17 जून (शनिवार) को अदालत ने सजा सुनाई थी और जब उसे वापस जेल ले जाया गया तब अपराध शाखा ने उक्त बयान देने के लिए दबाव बनाया।

अधिवक्ता श्रीजीत ने खुलासा किया कि अदालत ने मावुंकल से कहा कि वह इस संबंध में जेल अधीक्षक के जरिये लिखित में शिकायत दे। उन्होंने कहा कि मावुंकल का वकील होने के नाते उनके पास सभी दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध है जिनमें प्राथमिकी, पुलिस और अदालत के समक्ष पीड़िता द्वारा दिया गया बयान शामिल है और किसी भी बयान में लड़की ने सुधाकरण का नाम नहीं लिया है।

इस मुद्दे पर माकपा को लगे झटके के बाद सुधाकरण सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आक्रमक रुख अपना लिया है। उन्होंने दावा किया कि यह राज्य की विपक्षी पार्टी को बदनाम करने की ‘साजिश’ है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) के महासचिव और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि गोविंदन का बयान केपीसीसी अध्यक्ष को ऐसे समय फंसाने की ‘‘ स्पष्ट राजनीतिक साजिश’’ का संकेत है जब लोकसभा चुनाव होने में महज पांच से आठ महीने बचे हैं।

वेणुगोपाल ने कन्नूर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ सुधाकरण के खिलाफ मामला राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने की साजिश का हिस्सा है और एम. वी. गोविंदन का बयान प्रदर्शित करता है कि वह मुख्य साजिशकर्ता हैं।’’

उन्होंने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता का गलत हवाला देने पर केरल पुलिस को गोविंदन के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। एआईसीसी महासचिव ने कहा, ‘‘ उन्होंने जो कहा है, वह छोटी बात नहीं है। वह बयान देकर ऐसे नहीं बच सकते हैं। उन्हें इसका उत्तर देना होगा।’’

वेणुगोपाल की तरह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन ने भी केपीसीसी अध्यक्ष पर लगाए गए आरोप को लेकर माकपा के राज्य सचिव और उसके मुखपत्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सतीशन ने कहा कि सभी संकेत देते हैं कि साजिश का केंद्र मुख्यमंत्री कार्यालय के इर्द-गिर्द था ताकि विपक्षी नेताओं को बदनाम किया जाए और माकपा के राज्य सचिव भी इसका समर्थन कर रहे हैं।

बाद में कन्नूर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में केपीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप उन्हें बदनाम करने की राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं।

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