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देश की खबरें | कोविशील्ड ब्रिटेन के स्वीकृत टीकों की सूची में शामिल, पर भारतीयों को नियमों का पालन करना होगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ब्रिटेन सरकार ने एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड को योग्य कोविड-19 टीकों में शामिल करने के लिए बुधवार को एक अद्यतन अंतरराष्ट्रीय यात्रा परामर्श जारी किया, लेकिन भारत को उन 18 देशों की सूची से बाहर रखा है जिनके यहां के टीकों को स्वीकृत किया गया है। ऐसे में, भारतीय नागरिकों को गैर-टीकाकरण वाले यात्रियों के लिए निर्धारित नियमों का पालन करने की जरूरत होगी।

देश की खबरें | कोविशील्ड ब्रिटेन के स्वीकृत टीकों की सूची में शामिल, पर भारतीयों को नियमों का पालन करना होगा

लंदन/नयी दिल्ली, 22 सितंबर ब्रिटेन सरकार ने एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड को योग्य कोविड-19 टीकों में शामिल करने के लिए बुधवार को एक अद्यतन अंतरराष्ट्रीय यात्रा परामर्श जारी किया, लेकिन भारत को उन 18 देशों की सूची से बाहर रखा है जिनके यहां के टीकों को स्वीकृत किया गया है। ऐसे में, भारतीय नागरिकों को गैर-टीकाकरण वाले यात्रियों के लिए निर्धारित नियमों का पालन करने की जरूरत होगी।

भले ही कोविशील्ड को यात्रा संबंधी ब्रिटिश दिशानिर्देशों में मंजूरी दे दी गयी है, लेकिन उसकी दो खुराक ले चुके भारतीय यात्रियों को ब्रिटेन में अब भी 10 दिनों के लिए पृथक-वास में रहना होगा। ब्रिटेन के नए अंतरराष्ट्रीय यात्रा नियम चार अक्टूबर से प्रभावी होंगे।

नयी दिल्ली में ब्रिटिश अधिकारियों ने कहा कि मुख्य मुद्दा टीका प्रमाणन का है, न कि कोविशील्ड टीके का तथा दोनों पक्ष इस मुद्दे का परस्पर हल ढूंढने के लिए बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

ब्रिटेन द्वारा टीकों की स्वीकृत सूची में कोविशील्ड को शामिल किये जाने पर भारत की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आयी है।

ब्रिटेन के नियमों के मुताबिक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के टीके कोविशील्ड की दोनों खुराक लेने वाले भारतीयों को उन लोगों की तरह 10 दिन अनिवार्य रूप से पृथक-वास में रहना होगा, जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है।

कोविशील्ड टीके को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय एवं दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका के अनुसंधानकर्ताओं ने विकसित किया है। भारत अपने यहां टीकाकरण अभियान में कोविशील्ड और भारत बायोटेक के कोवैक्सीन टीके का व्यापक तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के टीके कोविशील्ड के स्वीकृत टीकों की सूची में शामिल नहीं करने के ब्रिटेन के फैसले की भारत में काफी आलोचना हुई है। भारत ने कोविड-19 टीका प्रमाणन पर उसकी चिंताओं का ब्रिटेन द्वारा समाधान नहीं किये जाने की स्थिति में मंगलवार को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला ने इन नियमों को ‘भेदभावकारी’ बताया था।

एक बयान में ब्रिटेन के भारत में उच्चायुक्त एलेक्स एलीस ने कहा, “हम स्पष्ट हैं कि कोविशील्ड कोई समस्या नहीं है... हम कोविन ऐप और एनएसएस ऐप के निर्माताओं के साथ प्रमाणन के बारे में विस्तृत तकनीकी चर्चा कर रहे हैं। ये तेजी से किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोनों देश एक-दूसरे के द्वारा जारी किए गए टीकाकरण प्रमाणपत्रों को परस्पर मान्यता दें।”

वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर एस शर्मा ने कहा कि भारत में प्रदत्त कोविड टीका प्रमाणन पर ब्रिटेन द्वारा प्रकट की गई चिंता की उन्हें जानकारी नहीं है, हालांकि कोविन प्रणाली डब्ल्यूएचओ के अनुकूल है।

शर्मा ने कहा, ‘‘ ब्रिटेन द्वारा प्रकट की जा रही किसी चिंता से मैं वाकिफ नहीं हूं। ब्रिटिश उच्चायुक्त ने दो सितंबर को मुझसे मुलाकात की थी और उन्होंने कोविन प्रणाली की बारीकियां जाननी चाही थी। ’

उन्होंने पीटीआई- से कहा, ‘‘इसलिए हमने अपनी तकनीकी टीम को उनकी तकनीकी टीम से मिलवाया और उनके बीच दो दौर की वार्ता हो चुकी है, कल ही दूसरे दौर की बातचीत हुई। उन्होंने हमें बताया कि अब और चर्चा की जरूरत नहीं है क्योंकि दोनों पक्षों के बीच सारी सूचनाओं का आदान प्रदान हो चुका है।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 22, 2021 11:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).