COVID-19: कैसे वैक्सीन विरोधी अपने प्रभाव से माताओं का शोषण करते हैं
टीकाकरण का काम जब से शुरू हुआ है इसका विरोध करने का सिलसिला भी तब से मौजूद है. 1800 के दशक की शुरुआत में जब से व्यापक चेचक टीकाकरण शुरू हुआ, तब से इन टीकों की सुरक्षा और प्रभावकारिता पर सवाल उठते रहे हैं.
कैनबरा, 15 फरवरी : टीकाकरण का काम जब से शुरू हुआ है इसका विरोध करने का सिलसिला भी तब से मौजूद है. 1800 के दशक की शुरुआत में जब से व्यापक चेचक टीकाकरण शुरू हुआ, तब से इन टीकों की सुरक्षा और प्रभावकारिता पर सवाल उठते रहे हैं. मीडिया ने इन विचारों को प्रचारित करने में एक प्राथमिक भूमिका निभाई है, और सोशल मीडिया ने हाल के वर्षों में टीकाकरण विरोधी आंदोलन की पहुंच में काफी वृद्धि की है. इंटरनेट ने वैकल्पिक स्वास्थ्य प्रभावकों की एक श्रृंखला को भी उभरने का मौका दिया है, जिनमें से कई सोशल मीडिया पर टीकाकरण विरोधी सामग्री बनाते हैं.
हमारे नए शोध में पाया गया है कि ये प्रभावक अक्सर सोशल मीडिया पर माताओं को अपने आंदोलन का समर्थन करने के लिए रणनीतिक रूप से लक्षित करते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि जब आम तौर पर बच्चों के स्वास्थ्य की बात आती है - और विशेष रूप से टीकाकरण - माताओं को इस संबंध में मुख्य देखभाल करने वाले के रूप में देखा जाता है. हमने जिन सोशल मीडिया अकाउंट्स का विश्लेषण किया, उनमें 1986 : द एक्ट, का प्रचार अकाउंट शामिल था. यह एक वैक्सीनेशन विरोधी फिल्म थी, जिसका निर्देशन एंड्रयू वेकफील्ड ने किया था, जो पूर्व मेडिकल प्रैक्टिशनर थे, जिन्होंने 1998 में एमएमआर वैक्सीन और ऑटिज्म को गलत तरीके से जोड़ने वाले अस्वीकृत अध्ययन को लिखा था. इनमें डिसइनफॉर्मेशन डजन के भी अकाउंट थे, जो 12 प्रभावकों का समूह था, जिनके बारे में अनुमान है कि महामारी के दौरान ऑनलाइन साझा की गई 65% एंटी-वैक्सीन सामग्री के लिए वही जिम्मेदार हैं.
माताओं को निशाना बनाने के नुस्खे
हमने जिन प्रभावित करने में सक्षम लोगों का विश्लेषण किया, उनमें एक प्रमुख विषय जो वे टीका-विरोधी संदेश को बढ़ावा देने के लिए उपयोग करते हैं, वह है अपने बच्चे की सुरक्षा चाहने वाली माँ. यहां, अपने बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें नुकसान से बचाने के संदर्भ में मां की प्राथमिक भूमिका को परिभाषित किया गया है. इस विषय को आमतौर पर आहार और जीवन शैली विकल्पों के संदर्भ में संप्रेषित किया जाता है - एक ‘‘अच्छी’’ माँ अपने बच्चे को राज्य, कॉर्पोरेट हितों और भोजन और टीकों में अप्राकृतिक रसायनों से बचाती है.
इस विषय को बढ़ावा देने के लिए इन प्रभावकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली सामान्य तकनीकों में टीकाकरण विरोधी संदेश के साथ अपने बच्चे को पालने वाली माताओं के विचारोत्तेजक चित्र पोस्ट करना शामिल है. अपने बच्चों को नुकसान से बचाने में विफल रहने के लिए माफी मांगने वाली माताओं द्वारा कथित तौर पर लिखे गए वीडियो अपडेट और हस्तलिखित पत्र भी इन अकाउंट्स में प्रमुखता से दिखाई देते हैं. पिता इन चित्रणों से आश्चर्यजनक रूप से अनुपस्थित हैं. हमने यह भी पाया कि लोगों को प्रभावित करने का प्रयास करने वाले इन लोगों ने टीकाकरण विरोधी आंदोलन को अन्य लोकप्रिय कारणों से जोड़ने के साथ ही सोशल मीडिया पर को-ऑप्ट हैशटैग का भी इस्तेमाल किया. 1986:द एक्ट के अकाउंट ने ब्लैक लाइव्स मैटर हैशटैग का उपयोग टीकाकरण को चिकित्सा नस्लवाद के रूप में पेश करने का प्रयास करने के लिए किया है - एक अन्य टीका-विरोधी प्रभावक, रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर, इसे ‘‘नये रंगभेद’’ के रूप में वर्णित करता है. हालाँकि, इस फ़्रेमिंग को ज्यादा सार्वजनिक समर्थन नहीं मिला. यह भी पढ़ें : COVID-19 Update: भारत में कोरोना के 27,409 नए मामले, 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज
दूसरी ओर, सेव द चिल्ड्रन हैशटैग के अकाउंट के उपयोग से इसकी पोस्ट के साथ जुड़ने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जो संगठन द्वारा हैशटैग का उपयोग शुरू करने के बाद दोगुनी हो गई. हैशटैग का सह-चयन करके, अकाउंट ने न केवल अपने पोस्ट को और अधिक खोज योग्य बनाया, इसने चैरिटी और टीकाकरण विरोधी आंदोलन को निर्दोष बच्चों को नुकसान से बचाने के सामान्य प्रयासों के रूप में जोड़ा. अपने बच्चों का टीकाकरण न करने के निर्णय के लिए माताओं को पूरी तरह से जिम्मेदार मानने के बजाय, हमें उन लोगों की छानबीन करनी चाहिए जो रणनीतिक रूप से उनके निर्णय लेने को प्रभावित करने और उसमें हेरफेर करने का प्रयास कर रहे हैं. हमारे निष्कर्षों से स्पष्ट पैटर्न का पता चलता है कि कैसे माताओं को टीका-विरोधी प्रभावकों द्वारा ऑनलाइन लक्षित किया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 15, 2022 01:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

