देश की खबरें | न्यायालय का झारखंड में कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के खिलाफ जनहित याचिका पर विचार से इंकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने झारखंड में आईपीएस अधिकारी एम वी राव को कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक नियुक्त करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर बुधवार को यह कहते हुये विचार करने से इंकार कर दिया कि नौकरी संबंधी मामले में जनहित याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती।
नयी दिल्ली, 19 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने झारखंड में आईपीएस अधिकारी एम वी राव को कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक नियुक्त करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर बुधवार को यह कहते हुये विचार करने से इंकार कर दिया कि नौकरी संबंधी मामले में जनहित याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती।
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने झारखंड सरकार के इस फैसले के खिलाफ प्रदेश के एक निवासी की याचिका खारिज कर दी ।
इस मामले में सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता फली नरिमन और नीरज किशन काल ने कहा कि यह छद्म मुकदमा है और न्यायालय संविधान के अनुच्छेद 32 के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत सेवा मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
याचिकाकर्ता प्रहलाद नारायण सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर वेंकटरमणी ने कहा कि वह राज्य के निवासी हैं और जानना चाहते हैं कि पुलिस सुधार के बारे में प्रकाश सिंह प्रकरण में शीर्ष अदालत के 2006 के फैसले के बावजूद राव को कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया।
पीठ ने वेंकटरमणी से कहा कि वह इस याचिका पर विचार नहीं करेगी।
पीठ ने कहा, ‘‘आप जनता के मुद्दे के लिये न्यायालय आये हैं। पुलिस बल में सुधार की मांग सेवा का मामला नहीं हो सकता। अत: स्वंय की प्रकाश सिंह प्रकरण से बराबरी मत करो। हम मामले पर विचार नहीं करेंगे।’’
भारतीय पुलिस सेवा के 1987 बैच के अधिकारी राव को 16 मार्च को पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। इससे पहले, पुलिस महानिदेशक कमल नयन चौबे का नयी दिल्ली में पुलिस आधुनिकीकरण डिवीजन में विशेष कार्यकारी अधिकारी के पद पर तबादला कर दिया गया था।
इस याचिका में राव की नियुक्ति को चुनौती देते हुये कहा गया था कि पुलिस महानिदेशक के पद पर नियुक्ति के मामले में शीर्ष अदालत के निश्चित कार्यकाल और वरिष्ठता के आदेश का उल्लंघन किया है।
याचिका में कहा गया था कि झारखंड काडर के अधिकारियों में वरिष्ठता के क्रम में राव चौथे स्थान पर हैं और पहले से ही वह महानिदेशक (अग्नि सेवा और होम गार्ड) के पद पर है।।
याचिका में आरोप लगाया गया कि चौबे का नियुक्ति से मात्र 10 महीने के भीतर ही पुलिस महानिदेशक पद से तबादला कर दिया गया जो राज्य सरकार के राजनीतिक विद्वेष को दर्शाता है।
याचिका में राज्य में अंतरिम व्यवस्था खत्म करने और चौबे की पुलिस महानिदेशक पद पर बहाली करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
अनूप
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 19, 2020 03:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

