देश की खबरें | न्यायालय ने अवमानना मामले में विजय माल्या की पुनर्विचार याचिका खारिज की
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 31 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को 2017 में अदालत की अवमानना का दोषी ठहराए जाने के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका सोमवार को खारिज कर दी।

माल्या ने शीर्ष अदालत के नौ मई 2017 के उस आदेश पर पुनर्विचार के लिये याचिका दायर की थी, जिसमें उसे न्यायिक आदेशों को दरकिनार कर अपने बच्चों के खातों में चार करोड़ अमेरिकी डॉलर हस्तांतरित करने पर अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया गया था।

यह भी पढ़े | Rajasthan: जैसलमेर में हो रही लगातार भारी बारिश से ऐतिहासिक चुंधी गणेश मंदिर का आधा हिस्सा डूबा पानी में, देखें वीडियो.

न्यायमूर्ति उदय यू. ललित और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की एक पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा, ‘‘ हमें इस पर पुनर्विचार करने का कोई आधार नजर नहीं आता। पुनर्विचार याचिका खारिज की जाती है।’’

शीर्ष अदालत ने 27 अगस्त को पुनर्विचार याचिका पर दोनों पक्षों को सुना था। न्यायलाय ने कहा था कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जायेगा।

यह भी पढ़े | Madhya Pradesh Floods: मध्य प्रदेश में उतर रहा बाढ़ का पानी, अभी भी नर्मदा नदी खतरे के निशान से 8 फीट ऊपर.

नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक के बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले में आरोपी माल्या फिलहाल ब्रिटेन में है।

शीर्ष अदालत ने 2017 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह की याचिका पर यह फैसला सुनाया था जिसमें कहा गया था कि माल्या ने कथित रूप से विभिन्न न्यायिक आदेशों का ''खुलेआम उल्लंघन'' कर ब्रिटिश कंपनी डियाजियो से प्राप्त चार करोड़ अमेरिकी डॉलर अपने बच्चों के खातों में हस्तांतरित किये थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)