जयपुर, 10 फरवरी राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति पर काम कर रही है।
शर्मा शनिवार को सिरोही जिले में आबू रोड स्थित सेटेलाइट जनजातीय केन्द्र में पाली संभाग के उच्चाधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
आधिकारिक बयान के अनुसार बैठक में शर्मा ने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का पालन सुनिश्चित करें ताकि आमजन का सरकार के प्रति विश्वास बना रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्तव्य का निष्ठा से पालन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करेगी तथा कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से जनसुनवाई सुनिश्चित करने, परिवादों के त्वरित निस्तारण, उनकी निगरानी करने आदि के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बिजली तथा पेयजल आपूर्ति की स्थिति, चिकित्सा सुविधाएं, जल जीवन मिशन की प्रगति, विकसित भारत संकल्प यात्रा, कानून-व्यवस्था तथा अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की उच्च स्तरीय समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनसेवा को अपना ध्येय मानते हुए प्रदेश के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। इन प्रयासों को धरातल पर उतारने में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने आप को सौभाग्यशाली समझें कि उन्हें जनसेवा करने का अवसर मिला है।
शर्मा ने कहा कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी नियमित रूप से कम से कम एक घंटा जनसुनवाई करें, ताकि परिवादियों को अपनी समस्याओं को लेकर राजधानी नहीं आना पड़े। अधिकारी अपने कार्यालय में जनसुनवाई का समय तय करें तथा इसे स्पष्ट रूप से कार्यालय की दीवार पर दर्शाएं। शर्मा ने कहा कि उच्चाधिकारी अपने अधीनस्थ कार्यालयों का समय-समय पर औचक निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें।
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