जयपुर, पांच मार्च राजस्थान के दौसा जिले के एक गांव में श्मशान भूमि को लेकर तब विवाद हो गया जब एक किसान ने दावा किया कि यह उसकी निजी भूमि है और उसने वहां अंतिम संस्कार नहीं करने दिया।
अधिकारियों के अनुसार भूर सिंह सैनी (35) की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। विवाद के कारण उनके अंतिम संस्कार में करीब पांच घंटे की देरी हुई।
परेशान ग्रामीणों ने अर्थी को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि इस श्मशान भूमि पर वर्षों से दाह संस्कार होते आ रहे हैं लेकिन जमीन के एक नए मालिक ने उन्हें रोक दिया है।
सैनी के एक रिश्तेदार विश्राम ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस भूमि पर वर्षों से दाह संस्कार होते आ रहे हैं। भूमि का नया मालिक हमें अंतिम संस्कार करने से मना कर रहा है।’’
वहीं जमीन के कथित खातेदार ने कहा, ‘‘यह मेरी निजी जमीन है और यहां फसल खड़ी है। मैं दाह संस्कार की अनुमति नहीं दे सकता।’’
तनाव तब बढ़ गया जब दोनों पक्षों के बीच टकराव हुआ और कथित तौर पर एक-दूसरे पर हमला कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप किया। सरपंच और अन्य अधिकारी भी स्थिति को शांत करने के लिए मौके पर पहुंचे।
मानपुर के पुलिस उपाधीक्षक दीपक मीणा ने बाद में पुष्टि की कि मामला सुलझ गया है और दाह संस्कार करवा दिया गया।
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