जबलपुर (मध्य प्रदेश), चार जून मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को अंतरिम आदेश जारी कर इस वित्तीय वर्ष के लिए शराब का ठेका ले चुके ठेकेदारों से कहा है कि जो शराब ठेकेदार सरकार के नए नियम के अनुसार ठेका संचालित करना चाहते हैं, वे तीन कार्य दिवस में अदालत में हलफनामा पेश करें।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए के मित्तल तथा न्यायमूर्ति वी के शुक्ला की पीठ ने कहा कि जो शराब ठेकेदार नए नियम के अनुसार ठेका संचालित नहीं कर सकते, सरकार उनकी दुकानों की पुनः निविदा कर सकती है।
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अदालत ने याचिका पर अगली सुनवाई 17 जून को निर्धारित की है।
प्रदेश के 30 शराब ठेकेदारों ने अदालत में याचिका दायर कर मांग की थी कि कोविड—19 की महामारी के कारण 24 मार्च की मध्य रात्रि से लागू लॉकडाउन की वजह से वे अपनी शराब की दुकानों को नहीं खोल पाये थे। इसलिए जितने दिन उनकी दुकानें बंद रही है, उसका आकलन कर ठेका राशि उतनी कम की जाए। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो उनकी जमा राशि वापस की जाए और नए सिरे से ठेके के लिए निविदा आमंत्रित की जाये।
याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने यह जानकारी दी है।
नागरथ ने बताया कि इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा पिछले कुछ दिनों से शराब ठेकेदारों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर अदालत द्वारा लगाई गई रोक को 17 जून तक बढ़ा दिया है।
उन्होंने कहा कि अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि ठेका नहीं लेने वाले ठेकेदारों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाए। प्रदेश सरकार को होने वाली राजस्व हानि पर अगली सुनवाई में विचार जाएगा।
सं रावत
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