चंडीगढ़, छह फरवरी कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने अमेरिकी सरकार द्वारा निर्वासित अवैध भारतीय प्रवासियों को हथकड़ी लगाने पर बृहस्पतिवार को दुख व्यक्त किया और इसे ‘‘बेहद अमानवीय’’ करार दिया।
विभिन्न राज्यों से 104 अवैध प्रवासियों को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान बुधवार को अमृतसर पहुंचा। अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत डोनाल्ड ट्रंप सरकार द्वारा निर्वासित भारतीयों का यह पहला जत्था था।
इनमें से 33-33 लोग हरियाणा और गुजरात से, 30 पंजाब से, तीन-तीन महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से और दो चंडीगढ़ से थे।
निर्वासित लोगों में शामिल जसपाल सिंह ने बुधवार को दावा किया कि पूरी यात्रा के दौरान उन्हें हथकड़ी लगी थी और पैरों में जंजीरें बांधी गई थीं जिन्हें अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद ही हटाया गया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और चंडीगढ़ से सांसद तिवारी ने कहा, ‘‘लोगों को पहले भी निर्वासित किया जाता रहा है लेकिन उन्हें हथकड़ी और बेड़ियां लगाना, उन्हें 40 घंटे तक शौचालय का उपयोग करने की अनुमति नहीं देना पूरी तरह से अमानवीय है।’’
उन्होंने पूछा, ‘‘उनका अपराध क्या है? वे बेहतर जीवन की तलाश में गए थे। उन्होंने यह अवैध रूप से किया, लेकिन इससे वे अपराधी नहीं बन जाते कि उनके हाथ-पैर बांध दिए जाएं और उनके साथ जानवरों से भी बदतर सलूक किया जाए।’’
इस मुद्दे पर केंद्र से सवाल करते हुए तिवारी ने कहा, ‘‘अगर प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्री एस जयशंकर यह सुनिश्चित नहीं कर सकते कि हमारे देश के लोगों के साथ बेहद अपमानजनक और अमानवीय तरीके से व्यवहार नहीं किया जाए, तो डोनाल्ड ट्रंप के साथ उन सभी शिखर सम्मेलनों का क्या मतलब है।’’
अमेरिकी वायु सेना का सी-17 ग्लोबमास्टर विमान बुधवार को अमृतसर हवाई अड्डे पर पहुंचा।
अमेरिका की ये कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापक वार्ता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाशिंगटन की प्रस्तावित यात्रा से कुछ दिन पहले हुई।
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