जयपुर, 10 जून लॉकडाउन में ढील के बाद कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में उछाल से चिंतित राजस्थान सरकार ने बुधवार को पड़ोसी राज्यों के साथ अपनी सीमाओं पर अतिरिक्त बलों को लगाते हुए आवागमन नियंत्रित कर दिया। इसके तहत सीमा चौकियों पर आने व जाने वालों के लिए पहचान पत्र सहित अन्य दस्तावेजों की जांच तथा स्क्रीनिंग जरूरी कर दी गयी है। इसके साथ ही सरकार ने कहा है कि विदेश से आने वाले प्रवासियों को भी सात दिन के सरकारी पृथक-वास के बाद कोरोना वायरस संक्रमण की जांच करवानी अनिवार्य होगी।
राज्य की सीमाएं हरियाणा, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश से लगती हैं।
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गृह विभाग द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार एक जून से लॉकडाउन में चरणबद्ध खुलने के बाद राज्य में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। राज्य सरकार के संज्ञान में लाया गया है कि आवागमन पूरी तरह खोल देने से हॉटस्पाट व अन्य इलाकों से कुछ लोग बिना जांच करवाए या जांच करवाई तो रिपोर्ट आने से पहले ही अन्य इलाकों में चले गए। बाद में वे संक्रमित पाए गए। सरकार का मानना है कि ऐसे लोग आने-जाने वाले इलाके को भी खतरे में डाल सकते हैं।
इसके अनुसार मौजूदा हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने आगामी आदेश तक लोगों की अंतर्राज्यीय आवाजाही नियंत्रित करने का फैसला किया है जो आगामी आदेश तक लागू रहेगी। इसके तहत सड़क मार्ग से निजी बस, टैक्सी या निजी वाहन से आने वाले लोगों की सीमा पर स्क्रीनिंग की जाएगी और उनके पहचान पत्र भी जांचे जाएंगे। इसी तरह बस, ट्रेन व विमान से आने वाले व्यक्तियों की पहुंचने पर दुबारा जांच होगी।
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राज्य से बाहर जाने के लिए पास बनवाना होगा जो जिला कलेक्टर, पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त, जिला पुलिस अधीक्षक, उपाधीक्षक व स्थानीय पुलिस थाने से बन सकेगा। इसमें कहा गया है कि सक्षम अधिकारी इलाज के लिए जाने या परिवार में किसी की मृत्यु होने जैसी आपात परिस्थितियों में ही पास जारी करें। हवाई अड्डे, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशनों पर तत्काल पास जारी करने की व्यवस्था प्रशासन करेगा।
वहीं चिकित्सा विभाग ने एक आदेश जारी कर कहा है कि विदेश से आने वाले प्रवासियों को सात दिन का सरकारी पृथक-वास पूरा करने के बाद संक्रमण की जांच करवानी होगी। संक्रमित नहीं पाए जाने पर ही उन्हें घर पर पृथक-वास के लिए भेजा जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह के अनुसार कई ऐसे मामले आए हैं कि सरकारी क्वारेंटाइन पूरा करने के बाद अपने गृह जिले में पहुंचे प्रवासी संक्रमित मिले। सरकार ने इसे गंभीर मानते हुए यह नयी व्यवस्था की है।
इससे पहले पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था एम एल लाठर ने इस बारे में आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राज्य सरकार ने अंतर्राज्यीय आवागमन को नियंत्रित करने का फैसला किया है। इसमें संबंद्ध पुलिस आयुक्तों, रेंज महानिरीक्षकों व जिला पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि पड़ोसी राज्यों से लगने वाले सड़क मार्गों व रास्तों पर तत्काल पुलिस चेक पोस्ट स्थापित की जाएं।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 11,368 हो गयी जबकि राज्य में इससे 256 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले छह मई को भी राज्य सरकार ने काफी दिनों तक अपनी अंतरर्राज्यीय सीमाएं एक तरह से सील कर दी थीं।
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