देश की खबरें | एनएसओ जैसी कंपनियां गैर-सरकारी संस्थाओं या व्यक्तियों को उत्पाद नहीं बेच सकतीं: इजराइली दूत

नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर भारत में इजराइल के नवनियुक्त राजदूत नाओर गिलोन ने स्पाईवेयर पेगासस संबंधी विवाद को नयी दिल्ली का ‘‘आंतरिक मामला’’ बताते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि एनएसओ जैसी कंपनियां अपने उत्पाद गैर सरकारी संस्थाओं, संगठनों या व्यक्तियों को नहीं बेच सकतीं।

गिलोन से इजराइली एनएसओ समूह के स्पाईवेयर पेगासस का उपयोग अनधिकृत रूप से निगरानी रखने के लिए किए जाने के आरोपों को लेकर एक संवाददाता सम्मेलन में सवाल किया गया। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या इस मामले पर भारत सरकार ने इजराइल से संपर्क किया। इन सवालों के जवाब में गिलोन ने यह टिप्पणियां की।

उच्चतम न्यायालय ने पेगासस जासूसी मामले में बुधवार को जांच के आदेश दिए थे।

इजराइली दूत ने कहा कि पेगासस को लेकर भारत में जो कुछ भी हो रहा है, वह उसका आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं और विस्तार से बात नहीं करूंगा...।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एनएसओ या ऐसी कंपनियों को हर निर्यात के लिए इजराइली सरकार से निर्यात लाइसेंस की आवश्यकता होती है। हम केवल सरकारों को निर्यात करने के लिए निर्यात लाइसेंस देते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘केवल यही मुख्य अनिवार्यता है कि वे इसे गैर सरकारी तत्वों को नहीं बेच सकते। भारत में जो हो रहा है, वह उसका आंतरिक मामला है।’’

एक अंतरराष्ट्रीय जांच संघ ने दावा किया है कि कई भारतीय मंत्रियों, नेताओं, कार्यकर्ताओं, व्यापारियों और पत्रकारों को एनएसओ समूह के फोन हैकिंग सॉफ्टवेयर द्वारा संभावित रूप से निशाना बनाया गया।

उच्चतम न्यायालय ने पेगासस के जरिए भारत में कुछ लोगों की कथित जासूसी के मामले की जांच के लिए बुधवार को विशेषज्ञों की तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था और कहा था कि सरकार हर बार राष्ट्रीय सुरक्षा की दुहाई देकर बच नहीं सकती।

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