नयी दिल्ली, आठ सितंबर केंद्रीय पेट्रोरसायन इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) बिहार के भागलपुर और उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जल्द ही अपने दो कौशल विकास केंद्र खोलेगा। रसायन और उवर्रक मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सिपेट, रसायन और उवर्रक मंत्रालय के तहत काम करता है।
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रसायन और पेट्रोरसायन सचिव आर. के. चतुर्वेदी ने कहा कि इन केंद्रों में हर साल 1,000 युवाओं को पेट्रोरसायन और उससे जुड़े अन्य उद्योगों के लिए डिप्लोमा पाठ्यक्रम कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र तकनीकी सहायता सेवा क्षेत्र में नए और मौजूदा उद्योगों के विकास के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेंगे।
पॉलिमर और संबद्ध उद्योगों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वर्तमान में ‘सिपेट’ के 43 केंद्र काम कर रहे हैं और नौ अन्य खुलने की प्रक्रिया में हैं।
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वर्तमान में सिपेट पॉलिमर विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 31 केंद्रों के माध्यम से डिप्लोमा, स्नातकोत्तर डिप्लोमा स्तर के कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराता है।
‘सिपेट’ स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे सरकारी कार्यक्रमों में भी योगदान दे रहा है।
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