नयी दिल्ली, पांच जून केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि अराजपत्रित पदों पर भर्ती के वास्ते ऑनलाइन सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) आयोजित होने से सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने वाले गरीब और पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की उपलब्धियों पर ‘आरंभ’ शीर्षक से एक डिजिटल पुस्तिका जारी करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौर में भी इस विभाग ने कामकाज के नए मानक स्थापित किए हैं जिनकी न केवल प्रशंसा की गई बल्कि अनुकरण भी किया गया।
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उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए डीओपीटी के एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम (आईजीओटी) ने कोरोना वायरस जागरूकता और कोविड-19 प्रशिक्षण पर एक विशेष पाठ्यक्रम चलाया जिसके लिए कुछ सप्ताह में ही 23 लाख से अधिक अधिकारियों ने अपना पंजीकरण करवाया।
सिंह ने कहा कि अराजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए प्रत्येक जिले में परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) आयोजित कराने के वास्ते राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) की स्थापना करना इस साल उठाए गए सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है।
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उन्होंने कहा कि इससे सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने वाले गरीब और पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों समेत सभी को समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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