जरुरी जानकारी | केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने ऑप्टिकल फाइबर के कुशल आवंटन के लिए दिशानिर्देश जारी किए

नयी दिल्ली, पांच मार्च केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने ऑप्टिकल फाइबर के कुशल आवंटन, साझाकरण और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह कदम पूरे बिजली क्षेत्र में बेहतर संसाधन प्रबंधन में योगदान देगा।

बिजली मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य बिजली प्रणाली अनुप्रयोगों के लिए ऑप्टिकल ग्राउंड वायर (ओपीजीडब्ल्यू)/ भूमिगत फाइबर ऑप्टिक (यूजीएफओ) केबल के फाइबर कोर के आवंटन और साझाकरण के लिए एक स्पष्ट और मानकीकृत ढांचा प्रदान करना है।

बयान के अनुसार, दिशानिर्देश फाइबर आवंटन, बिजली संचार प्रणाली आवश्यकताओं की सुरक्षा और भविष्य के संघर्षों को कम करने के लिए एक दृष्टिकोण उपलब्ध कराता है।

सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटीज (सीटीयू), स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटीज (एसटीयू), ट्रांसमिशन सर्विस प्रोवाइडर्स (टीएसपी) और अन्य इकाइयों सहित विभिन्न पक्षों के बीच अतिरिक्त फाइबर क्षमता को साझा करने की सुविधा के लिए एक अच्छी तरह से परिभाषित रूपरेखा तैयार की गई है।

ग्रिड से इतर अनुप्रयोगों के लिए अतिरिक्त फाइबर को पट्टे पर देने की अनुमति है। बशर्ते इससे भविष्य की ग्रिड आवश्यकताओं से समझौता न हो।

सभी पट्टा अनुबंधों में एक समाप्ति खंड शामिल होना चाहिए। जब भी आवश्यकता हो, ग्रिड अनुप्रयोगों के लिए फाइबर कोर को पुनः प्राप्त करने के लिए अधिकतम 18 महीने का नोटिस अवधि अनिवार्य हो।

दिशानिर्देश भविष्य की ग्रिड संचार आवश्यकताओं के मूल्यांकन और लागू सीईए/सीईआरसी/एसईआरसी नियमों के अनुपालन की आवश्यकता पर जोर देता है।

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