औरंगाबाद, 27 अक्टूबर महाराष्ट्र में नांदेड़ के हजूर साहिब गुरुद्वारे के बोर्ड सदस्यों के खिलाफ पुलिस ने दशहरा समारोह के दौरान कोविड-19 दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। एक पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
बम्बई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ ने पिछले सप्ताह नांदेड़ के तख्त सचखंड श्री हजूर अपचलनगर साहिब बोर्ड को कोविड-19 निर्देशों का अनुपालन करते हुए वार्षिक दशहरा समारोह और गुरु ग्रंथ साहिब जुलूस को आयोजित करने की अनुमति दी थी।
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बोर्ड को गुरु ग्रंथ साहिब की केवल एक पालकी साहिब, 16 ऐतिहासिक निशान साहिब, गुरु साहिब के पांच घोड़े और दो बड़े खुले ट्रकों पर तीन कीर्तन जत्थे ले जाने की अनुमति थी।
अदालत ने कहा था कि 16 लोग एक ट्रक में सवार होंगे और आठ लोग दूसरे ट्रक में सवार होंगे और सभी व्यक्तियों को कोविड-19 की जांच करानी होगी।
अदालत के मुताबिक जांच रिपोर्ट निगेटिव मिलने पर ही वे लोग जूलूस में शामिल हो सकते थे। साथ ही किसी को भी जूलूस में पैदल शामिल होने की अनुमति नहीं थी।
नांदेड़ के वजीराबाद पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि, रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में 250-300 लोग शामिल हुए और सभी पैदल थे।
अधिकारी ने कहा कि रविवार को वजीराबाद पुलिस द्वारा भादसं की धारा 270 (जीवन के लिए खतरनाक बीमारी का संक्रमण फैलाने की आशंका वाला कृत्य करना) ,188 (लोकसेवक द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा करना) , 34(साझा इरादे) और आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।
इस बारे में संपर्क किए जाने पर गुरुद्वारा बोर्ड के प्रमुख गुरविंदर सिंह वाधवा ने पीटीआई- से कहा कि बोर्ड को इस मामले के बारे में पुलिस से कोई लिखित पत्र नहीं मिला है, इसलिए वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।
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