नयी दिल्ली, 31 जनवरी भारत ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका के साथ व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘शीघ्र’ वाशिंगटन यात्रा पर अमेरिका के साथ काम कर रहा है।
इस सप्ताह मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘‘अगले महीने, संभवतः फरवरी में, व्हाइट हाउस आएंगे।’’
ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद यह मोदी की अमेरिका की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। प्रस्तावित यात्रा पर भारत और अमेरिका के बीच चर्चा की पुष्टि करते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यात्रा के लिए किसी संभावित समय-सीमा का उल्लेख नहीं किया।
मोदी और ट्रंप ने 27 जनवरी को फोन पर हुई बातचीत में व्यापार, ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्रों में भारत-अमेरिका सहयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक ‘‘विश्वसनीय’’ साझेदारी की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में एक सवाल पर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हाल में टेलीफोन पर बातचीत हुई। दोनों पक्ष भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रधानमंत्री की जल्द से जल्द अमेरिका यात्रा पर काम कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की तारीखों की घोषणा उचित समय पर की जाएगी।
प्रधानमंत्री 10 और 11 फरवरी को ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्शन समिट’ में भाग लेने के लिए पेरिस की यात्रा करेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति को भी शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है, लेकिन उनकी भागीदारी की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
कई देशों की तरह भारत में भी अमेरिकी राष्ट्रपति के आव्रजन और विभिन्न शुल्क पर दृष्टिकोण को लेकर कुछ चिंताएं हैं। ट्रंप ने पहले ही ब्रिक्स समूह पर ‘‘100 प्रतिशत शुल्क’’ लगाने की बात कही है, जिसमें भारत भी शामिल है।
जायसवाल ने कहा, ‘‘भारत अवैध प्रवासन का दृढ़ता से विरोध करता है, खासकर इसलिए क्योंकि यह संगठित अपराध के अन्य रूपों से भी जुड़ा हुआ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रवासन पर भारत-अमेरिका सहयोग के तहत दोनों पक्ष अवैध प्रवासन को रोकने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं, साथ ही भारत से अमेरिका में वैध प्रवासन के लिए और अधिक अवसर पैदा कर रहे हैं।’’
जायसवाल ने कहा कि भारत इस सहयोग को जारी रखने का इच्छुक है।
उन्होंने कहा, ‘‘संबंधित व्यक्तियों को भारत वापस भेजे जाने से पहले भारत सरकार को उनकी नागरिकता सहित आवश्यक सत्यापन करना होगा।’’
जायसवाल ने कहा, ‘‘इस समय संख्या के बारे में कोई भी बात करना जल्दबाजी होगी। लेकिन मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि इस क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग मजबूत और प्रभावी है। यह आने वाले समय में स्पष्ट हो जाएगा।’’
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