कोच्चि, 13 नवंबर केरल में सत्तारूढ़ माकपा और विपक्षी दलों कांग्रेस, आईयूएमएल के फलस्तीन के पक्ष में रैलियां आयोजित करने के बीच भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने उन पर “सांप्रदायिकता और आतकंवाद समर्थक” नीतियों का समर्थन करने का आरोप लगाया और चार स्थानों पर विरोध मार्च निकालने की घोषणा की।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रवक्ता ने कहा कि दो सप्ताह में कोझिकोड़, त्रिशूर और एर्नाकुलम में रैलियां आयोजित की जाएंगी जबकि पथनमथिट्टा में एक जनसभा का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी वाम सरकार की “सांप्रदायिक तुष्टीकरण नीतियों” के खिलाफ रैलियां आयोजित कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) पर भी उसी दिशा में जाने का आरोप लगाया।
प्रवक्ता ने कहा, “हम वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ हैं और भारत इसके सबसे बड़े पीड़ितों में से एक है। हम राज्य सरकार की सांप्रदायिक तुष्टीकरण की राजनीति का विरोध करते हैं।”
उन्होंने कहा कि तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी और इन रैलियों में केंद्रीय मंत्री तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राज्य में फलस्तीन के समर्थन में अलग-अलग रैलियां आयोजित की हैं। कांग्रेस ने नवंबर के आखिरी सप्ताह में एक और रैली की घोषणा की है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY