देश की खबरें | भाजपा ने ‘इंडिया’ को ‘स्वार्थी’ गठबंधन बताया, कुछ परिवारों के हितों को आगे बढ़ाने का लगाया आरोप

नयी दिल्ली, 31 अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को विपक्षी इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) की आलोचना करते हुए इसे 'स्वार्थी गठबंधन' करार दिया। भाजपा ने दावा किया कि इसका (विपक्षी गठबंधन का) उद्देश्य अपने सदस्य दलों के शीर्ष पर बैठे परिवारों के हितों को बढ़ावा देना और उनकी रक्षा करना है।

भाजपा के खिलाफ अपने एजेंडे को मूर्त रूप देने के लिए मुंबई में 28 विपक्षी दलों की बैठक के बीच सत्तारूढ़ पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस की ‘मिसाइल’ कभी सफल नहीं होगी, क्योंकि इसमें ईंधन नहीं है।

उन्होंने देश के ऐतिहासिक चंद्रयान-3 मिशन की पृष्ठभूमि में संवाददाताओं से कहा कि भाजपा का चंद्रयान 2024 के लोकसभा चुनाव में तीसरी बार सफलतापूर्वक उतरेगा क्योंकि इसे विकास से बल मिला है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ ‘इंडिया’ गठबंधन में जिस न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) पर चर्चा हो रही है, वह वास्तव में भ्रष्टाचार से अधिकतम लाभ कमाने के बारे में है क्योंकि ये सभी पार्टियां मिलकर 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के घोटालों में शामिल हैं।’’

उन्होंने कहा कि उनका (विपक्षी गठबंधन) दूसरा उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक स्थिर और विकास समर्थक सरकार को झटका देना है।

पात्रा ने कहा कि विपक्ष का साथ आने का प्रयास ‘म्यूजिकल चेयर्स’ के खेल जैसा है और ये दल हर चुनाव से पहले भाजपा के खिलाफ जुट जाते हैं।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति तब है जब उनका गठबंधन प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर आपसी लड़ाई और एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए तैयार है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और लालू प्रसाद यादव जैसे नेताओं के लिए देश के विकास से ज्यादा महत्वपूर्ण राजनीति में अपने बच्चों का भविष्य संवारना है।

उन्होंने दावा किया कि उनका लक्ष्य ‘अधिकतम परिवारवाद’ है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के पास न तो नीति है, न नीयत है और न ही कोई नेता है।

केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने विपक्षी गठबंधन की आलोचना करते हुए कहा कि नाम बदलने से उत्पाद नहीं बदल जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ आई.एन.डी.आई.ए के रूप में संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) की रीब्रांडिंग करने की कोशिश की गई है, लेकिन यह चलने वाला उत्पाद नहीं है क्योंकि संप्रग की खामियों से लोग भलीभांति परिचित हैं।’’

चंद्रशेखर ने कहा कि विपक्षी दलों का गठबंधन भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त रहने वाले लोगों का जमावड़ा है।

उन्होंने कहा कि ‘निहित स्वार्थ’ को लेकर यह गठबंधन हुआ है, जो संप्रग का ही नया रूप है।

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