नयी दिल्ली, एक अगस्त सरकार ने राष्ट्रीय रेल और परिवहन संस्थान को गतिशक्ति विश्वविद्यालय में परिवर्तित करने संबंधी विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विभिन्न विषयों पर हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2022 प्रस्तुत किया।
इसके माध्यम से केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 में संशोधन का प्रस्ताव है।
विधेयक के माध्यम से डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय राष्ट्रीय रेल और परिवहन संस्थान को एक स्वायत्त संस्थान गतिशक्ति विश्वविद्यालय में परिवर्तित किया जाने का प्रस्ताव है।
विधेयक में विश्वविद्यालय के दायरे में रेलवे के अलावा पूरे परिवहन क्षेत्र को शामिल करने का भी प्रावधान प्रस्तावित है।
विश्वविद्यालय का नाम सरकार के 100 लाख करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के नाम पर किया जाना है।
इस मास्टर प्लान के तहत अवसंरचना संपर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना तथा उनके समन्वित क्रियान्वयन के लिए सड़क परिवहन और रेलवे समेत 16 मंत्रालयों को एक मंच पर लाना है।
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