देश की खबरें | बंगाल विधानसभा में मुख्यमंत्री को पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय का कुलपति बनाने संबंधी विधेयक पारित

कोलकाता, 15 जून पश्चिम बंगाल विधानसभा ने बुधवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ की जगह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय का कुलपति बनाने के प्रावधान वाला विधेयक पारित कर दिया।

सदन में विधेयक पेश करते हुए पशुपालन विभाग के प्रभारी मंत्री स्वपन देबनाथ ने कहा कि यह कदम पश्चिम बंगाल पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय के लिए आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

विधेयक के मुताबिक, कुलपति राज्य सरकार द्वारा गठित समिति की ओर से अनुशंसित तीन नामों में से किसी एक प्रतिष्ठित अकादमिक हस्ती को विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में नियुक्त करेंगे।

इसमें कहा गया है कि कुलाधिपति को चार साल की अवधि या 70 साल की आयु प्राप्त करने तक पद पर रहना चाहिए।

विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने आरोप लगाया कि यह कदम विश्वविद्यालय के अकादमिक माहौल का राजनीतिकरण करेगा।

उन्होंने यह भी दावा किया कि यह कदम छात्रों के हितों के खिलाफ है।

इससे पहले, राज्य के पंचायत मंत्री पुलक रॉय ने सदन को बताया कि केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष की शुरुआत के बाद से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत पश्चिम बंगाल को धनराशि देना बंद कर दिया है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं के तहत केंद्र का बंगाल सरकार के ऊपर 7,000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है।

इससे पहले, राज्यपाल की जगह शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु को पश्चिम बंगाल के निजी विश्वविद्यालयों का विजिटर नियुक्त करने के लिए मंगलवार को राज्य विधानसभा में एक विधेयक पारित किया गया था।

एक दिन पहले विधानसभा ने उस विधेयक पर मुहर लगा दी थी, जिसमें राज्यपाल की जगह मुख्यमंत्री को राज्य के विश्वविद्यालयों का कुलपति बनाने का प्रावधान किया गया है।

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