गुवाहाटी, 14 सितंबर असम के प्रभावशाली छात्र संगठनों-आसू और एजेवाईसीपी द्वारा गठित राजनीतिक संगठन का नाम ‘असम जातीय परिषद’ होगा ।
ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) और असम जातीयताबादी युवा छात्र परिषद (एजेडवाईसीपी) द्वारा गठित असम परामर्श समिति (एएसी) के संयोजकों ने सोमवार को इस बारे में घोषणा की ।
एएसी के दो संयोजकों में एक गौहाटी विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. कृष्ण गोपाल भट्टाचार्य ने बताया, ‘‘रविवार को समिति की बैठक के दौरान तीन सुझावों में से नाम का चयन किया गया।’’
उन्होंने कहा कि राज्य में हरेक परिवार से जुड़ाव स्थापित करने और महज चुनावी वोट तक सीमित नहीं रहने के मद्देनजर ‘घरे घरे आमी’ (हम हर घर में हैं) नए राजनीतिक संगठन का नारा होगा ।
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिये अगले साल की शुरुआत में चुनाव होना है ।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता जगदीश भुइयां को पार्टी का संयोजक बनाया गया है।
कमेटी के एक और संयोजक हांडिक गर्ल्स कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर बसंत डेका ने बताया कि मतदान केंद्र स्तर पर पार्टी को पहुंचाने का काम 30 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा ।
पार्टी का संविधान तैयार हो चुका है और नवंबर के पहले हफ्ते में इसकी प्रदेश स्तरीय समिति गठित की जाएगी।
डेका ने बताया कि ‘असम जातीय परिषद’ के प्रतीक चिन्ह और झंडे पर बाद में फैसला किया जाएगा ।
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