औरंगाबाद (महाराष्ट्र), 27 जुलाई भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने औरंगाबाद जिला प्रशासन को एक पत्र लिखकर एलोरा गुफाओं के प्रवेश बिंदु पर स्थित 48 वर्ष पुराने जैन 'स्तंभ' को स्थानांतरित करने को कहा है क्योंकि यह इस विश्व प्रसिद्ध स्मारक की ''दृश्यता'' को प्रभावित करता है।
इससे पहले, जैन समुदाय के स्थानीय सदस्यों ने यहां एएसआई अधिकारियों से मुलाकात कर स्तंभ को स्थानांतरित करने का विरोध किया था।
जिला कलेक्टर कार्यालय ने एक बार फिर इसपर एएसआई का रुख जानना चाहा जिसके जवाब में एएसआई ने 22 जुलाई को एक पत्र में दोहराया कि वह संरचना को स्थानांतरित करना चाहता है।
पत्र में एएसआई के क्षेत्र अधीक्षक पुरातत्वविद् मिलन कुमार चौले ने कहा कि जैन 'कीर्ति स्तम्भ' तब बनाया गया था जब एलोरा गुफाओं को विश्व धरोहर स्थल घोषित नहीं किया गया था, लेकिन अब यह ''स्मारक की दृश्यता'' को प्रभावित करता है और इसके चारों ओर विक्रेताओं के इकट्ठा होने से भी समस्या पैदा होती है।
पत्र में कहा गया है कि पुरी में, कुछ संरचनाएं जो 200 से 300 साल पुरानी थीं, उन्हें भी जगन्नाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण और पर्यटकों की सुविधा के लिए ध्वस्त कर दिया गया था।
एक अधिकारी ने कहा कि इस पत्र की एक-एक प्रति महाराष्ट्र के संस्कृति और पर्यटन विभागों को भी भेजी गई है।
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