जरुरी जानकारी | अपीलीय न्यायाधिकरण ने रिको इंडिया के समाधान योजना को मंजूरी देने वाले एनसीएलटी आदेश को खारिज किया

नयी दिल्ली, छह अगस्त राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने रिको इंडिया के लिये दो निवेशकों के समूह की बोली को मंजूरी देने वाले एनसीएलटी के आदेश को खारिज कर दिया है। ये दो निवेशक कल्पराज धरमशी और रेखा झुनझुनवाला हैं।

कोटक इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स की अपील को स्वीकार करते हुए अपीलीय न्यायाधिकरण की तीन सदस्यीय पीठ ने रिको इंडिया के कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) को आदेश की तारीख से 10 दिन के भीतर नये सिरे से प्रस्ताव पर विचार करने का निर्देश दिया। यह आदेश पांच अगस्त को आया।

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अपीलीय न्यायाधिकरण के अनुसार अगर ऐसा नहीं होता है, रिको इंडिया को परिसमापन का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत कंपनी ऋण शोधन अवधि (सीआईआरपी) का समय पहले ही समाप्त हो चुका है।

अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा कि रिको इंडिया के समाधान पेशेवर ने सफल आवेदनकर्ताओं धरमशी और झुनझुनवाला से समयसीमा समाप्त होने के बाद बोली स्वीकार की। यह गंभीर त्रुटी को बताता है।

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कोटक इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ के 28 नवंबर, 2019 के आदेश को चुनौती दी थी। आदेश में न्यायाधिकरण ने समाधान योजना को मंजूरी दी थी।

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