बेंगलुरु, 14 मई कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि तटीय जिलों में सांप्रदायिक अशांति और अपराधों से निपटने के उद्देश्य से घोषित सांप्रदायिकता रोधी बल का गठन राज्य के अन्य जिलों में भी किया जा सकता है।
परमेश्वर ने यह भी कहा कि सांप्रदायिक प्रकृति की नैतिक पुलिसिंग की घटनाओं की जांच भी सांप्रदायिकता रोधी बल को सौंपी जाएगी।
गृह मंत्री ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में सांप्रदायिक अशांति को कम करने के लिए नक्सल रोधी बल (एएनएफ) की तर्ज पर सांप्रदायिकता रोधी बल की स्थापना की जाएगी।
परमेश्वर ने कहा, “हमने पुलिस विभाग में एक सांप्रदायिकता रोधी बल के गठन का निर्णय लिया है। पहले जब नक्सली गतिविधियां थीं, तब हमने एक नक्सल रोधी बल बनाया था, उसी तर्ज पर हम एक सांप्रदायिकता रोधी बल बनाना चाहते हैं, ताकि समाज में शांति बनी रहे।"
उन्होंने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वहां पहले से ही ध्रुवीकरण हो रहा है और सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उन सभी चीजों पर विराम लग जाए।
परमेश्वर ने कहा, "मैंने पुलिस महानिदेशक से इस संबंध में प्रस्ताव भेजने को कहा था और मुझे बताया गया है कि उन्होंने प्रस्ताव भेज दिया है। हम इसकी जांच करेंगे और सरकारी स्तर पर इसे मंजूरी देंगे। शुरुआत में मैंने दो जिलों के लिए इसकी घोषणा की है, अब हम इसे उन जिलों में भी लागू कर सकते हैं जहां सांप्रदायिक मुद्दे हैं।"
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