देश की खबरें | पंजाब में जहरीली शराब पीने से एक और मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 105 हुई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब के गुरदासपुर स्थित बटाला में जहरीली शराब पीने से एक और व्यक्ति की मौत के साथ ही राज्य में इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 105 हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
चंडीगढ़, तीन अगस्त पंजाब के गुरदासपुर स्थित बटाला में जहरीली शराब पीने से एक और व्यक्ति की मौत के साथ ही राज्य में इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 105 हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
गुरदासपुर के उपायुक्त मोहम्मद इशफाक ने कहा, '' रविवार को एक और व्यक्ति की मौत के बाद बटाला में मृतकों की संख्या 13 तक पहुंच गई।''
बुधवार शाम से जारी इस त्रासदी में अब तक तरनतारन जिले में सबसे अधिक 80 लोगों की मौत हुई है। वहीं, गुरदासपुर के बटाला में 13 और अमृतसर में 12 लोगों की जान गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, जहरीली शराब पीने वाले 10 लोगों का तरनतारन के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
यह भी पढ़े | हिमाचल प्रदेश: CM जयराम ठाकुर के नाम से भेजे जा रहे फर्जी ईमेल, साइबर पुलिस ने किया अलर्ट.
इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुग ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उसे पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
राज्य सरकार की ओर से दिए गए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश को खारिज करते हुए चुग ने उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश से मामले की जांच कराने की मांग की।
उन्होंने बटाला में पीड़ितों के परिजन से मुलाकात भी की।
चुग ने बटाला में संवाददाताओं से कहा, '' दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सरकार त्रासदी का इंतजार करती रही।''
वहीं, युवा अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने तरनतारन में सरकार के खिलाफ धरना दिया।
धरने का नेतृत्व कर रहे युवा अकाली दल के प्रमुख परमबंस सिंह रोमाना ने आरोप लगाया कि कुछ कांग्रेस विधायक ''शराब के अवैध कारोबार को संरक्षण दे रहे थे।''
उन्होंने कहा, '' हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह ध्यान दे अथवा हमें विधायकों के साथ-साथ मुख्यमंत्री के खिलाफ भी आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।''
इस बीच, पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने त्रासदी के लिए राज्य सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर अकाली दल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके शासन काल में भी वर्ष 2012 और 2016 में क्रमश: गुरदासपुर और बटाला में ऐसे ही घटनाएं हुई थीं।
सोढी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि बटाला मामले में तो एक भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी और ना ही मुख्य आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 03, 2020 07:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

