कोच्चि, 13 जून नौवहन महानिदेशालय (डीजीएस) ने शुक्रवार को कहा कि पिछले महीने केरल तट पर डूबे लाइबेरियाई ध्वज वाले पोत के सभी ईंधन तेल टैंक बंद करने का काम पूरा हो गया है और मलबे के आसपास तेल रिसाव का कोई सबूत नहीं है।
डीजीएस की ओर से जारी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, तेल नियंत्रण उपायों से स्थिति अस्थायी रूप से स्थिर हो गई है, लेकिन जोखिम पूर्ण रूप से तभी समाप्त होगा, जब पोत ‘एमएससी एल्सा 3’ से शेष फंसे ईंधन तेल को निकालने के लिए संतृप्ति गोताखोरी सफलतापूर्वक शुरू हो जाएगी।
संतृप्ति गोताखोरी (सैचुरेशन डाइविंग) एक विशेष प्रकार की गोताखोरी तकनीक है, जिसमें गोताखोर लंबे समय तक एक ही गहराई पर रहकर काम कर सकते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘संतृप्ति गोताखोरी उपकरणों को जुटाने में देरी के कारण प्रारंभिक परिचालन समयसीमा में पहले ही बदलाव हो चुका है।’’
इसमें कहा गया है कि बचावकर्मियों के अनुसार, अगर मौसम अनुकूल रहा तो तेल निकालने में लगभग 24 दिन लगेंगे।
इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ‘वॉयेज डेटा रिकॉर्डर’ (वीडीआर) को पुनः प्राप्त करने के प्रयास अभी तक सफल नहीं हुए हैं और इसके लिए गोताखोरी अभियान जारी रहेगा।
लाइबेरियाई कंटेनर पोत - एमएससी एल्सा 3 - कोच्चि तट के पास डूब गया था। यह 640 कंटेनर के साथ डूबा, जिसमें 13 खतरनाक कार्गो और 12 कैल्शियम कार्बाइड वाले कंटेनर थे।
रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि कंटेनर पोत में 84.44 मीट्रिक टन डीजल और 367.1 मीट्रिक टन ‘फर्नेस ऑयल’ भी भरा हुआ था।
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