मुंबई, नौ सितंबर विमानन कंपनी एयर इंडिया ने देशभर में अपने कार्यस्थलों को एकसाथ लाने की रणनीति के तहत सितंबर से उन कार्यालयों को खाली करना शुरू कर दिया है जिनका संचालन अभी सरकारी स्वामित्व वाली संपत्तियों से हो रहा है। अब सारे कार्यालय टाटा समूह की विस्तार समेत अन्य एयरलाइनों के कार्यालयों के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के आधुनिक परिसर में लाए जाएंगे।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि कि एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर एशिया इंडिया के कार्यालय अगले वर्ष मार्च से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बने आधुनिक कार्यालय परिसर से संचालित होंगे। यह कंपनी की समेकन की रणनीति के तहत किया जा रहा है जिससे सहयोग बेहतर हो सके और नई प्रौद्योगिकियों को सुगमता से लागू किया जा सके।
एयर इंडिया के कर्मचारी बड़ी संख्या में नई दिल्ली में एयरलाइंस हाउस, सफदरजंग कॉम्प्लेक्स, जीएसडी कॉम्प्लेक्स और आईजीआई टर्मिनल वन पर हैं। दिल्ली में संसद भवन के नजदीक एयरलाइंस हाउस में भी इसका कार्यालय है। इन सभी स्थानों पर कार्यरत कर्मचारियों को गुरुग्राम में अस्थायी कार्यालय में स्थानांतरित किया जाएगा और अंतत: वर्ष 2023 की शुरुआत में उन्हें नवनिर्मित वाटिका परिसर में भेजा जाएगा।
दरअसल टाटा समूह विस्तार और एयर एशिया इंडिया समेत समूह की सभी एयरलाइनों के कर्मचारियों को एक जगह लाना चाहता है।
एयर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी कैम्पबेल विल्सन ने कहा, ‘‘अनेक कार्यालयों को एक छत के नीचे लाना और क्षेत्रीय ढांचे से केंद्रीकृत ढांचे की ओर बढ़ना एयर इंडिया की रूपांतरण यात्रा में अहम पड़ाव है।’’
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस का इस साल 27 जनवरी को टाटा समूह ने अधिग्रहण कर लिया था। इन एयरलाइन के अलावा टाटा समूह की विस्तार और इसके संयुक्त उपक्रम में बहुलांश 51 फीसदी हिस्सेदारी और एयर एशिया इंडिया में 83.67 फीसदी हिस्सेदारी है।
इस वर्ष मई में समूह ने अपने सभी कर्मचारियों से सरकारी आवासीय कॉलोनियों को खाली करने को कहा था।
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