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जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान बढ़ाकर 22 प्रतिशत करने की जरूरत: नितिन गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी मौजूदा के 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 22 प्रतिशत करने का आह्ववान करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण युवाओं का शहरों की ओर पलायन रोकने में मदद मिलेगी.

जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान बढ़ाकर 22 प्रतिशत करने की जरूरत: नितिन गडकरी
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नयी दिल्ली, 9 अप्रैल : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी मौजूदा के 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 22 प्रतिशत करने का आह्ववान करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण युवाओं का शहरों की ओर पलायन रोकने में मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा, ‘‘ भारत की 65 प्रतिशत कामकाजी आबादी कृषि क्षेत्र से जुड़ी है. इस क्षेत्र की सकल घरेलू उत्पाद में केवल 14 प्रतिशत हिस्सेदारी है. यदि भारत के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत की जाए, तो कोई भी ग्रामीण युवा शहरों की ओर पलायन नहीं करेगा.’’ मंत्री ने उत्पादकता बढ़ाने के लिए मृदा परीक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया. यह भी पढ़ें :एएसआई ने महाराष्ट्र के देवगिरी किले में लगी आग की जांच शुरू की; आपदा प्रबंधन योजना पर काम जारी

गडकरी ने भारत में जैव ईंधन और हरित हाइड्रोजन के उत्पादन को प्रोत्साहित कर जीवाश्म ईंधन के आयात को कम करने की आवश्यकता का उल्लेख किया. भारत वर्तमान में हर वर्ष 22 लाख करोड़ रुपये मूल्य के जीवाश्म ईंधन का आयात करता है. उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 09, 2025 04:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).