देश की खबरें | एएसआई ने महाराष्ट्र के देवगिरी किले में लगी आग की जांच शुरू की; आपदा प्रबंधन योजना पर काम जारी

छत्रपति संभाजीनगर, नौ अप्रैल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के स्थानीय अधिकारियों ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में प्रसिद्ध देवगिरि किले के बड़े हिस्से में लगी आग के कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

देवगिरि किला, जिसे दौलताबाद किला भी कहा जाता है, जिले में आने वाले पर्यटकों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यह छत्रपति संभाजीनगर शहर से लगभग 16 किमी दूर स्थित है। यह नौवीं से 14वीं शताब्दी में यादव राजवंश की राजधानी हुआ करता था।

अधिकारी ने बताया, ‘‘मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे आग लगी और किले के चारों तरफ फैल गई। आग ने किले के परिसर में घास और हरियाली को अपनी चपेट में ले लिया। हमने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि आग कैसे लगी। हम इस ऐतिहासिक स्मारक की आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी जांच करने जा रहे हैं।’’

अधिकारी ने कहा कि किले के लिए आपदा प्रबंधन योजना बाद में तैयार की जाएगी।

आग लगने के बाद स्थानीय दमकल कर्मियों को सूचित किया गया, लेकिन वे प्रभावित क्षेत्र तक नहीं पहुंच सके क्योंकि यह काफी ऊंचाई पर है। उन्होंने कुछ दूरी से पानी छिड़ककर आग बुझाने की कोशिश की। शाम को आग तो शांत हो गई, लेकिन रात भर अंगारे सुलगते रहे।

आग से क्षेत्र में बंदर सहित कई जंगली जानवर प्रभावित हुए। किले के पीछे मैदानी इलाके में मोर देखे गए, जहां मेंढा तोप रखी गई है। यह इलाका पहले झाड़ियों और छोटे पेड़ों से ढका हुआ था, जहां मोर आराम करते थे। लेकिन आग से ये पेड़ पूरी तरह जल गए।

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