देश की खबरें | कृषि किसान: पंजाब के 30 किसान संगठन बुधवार को करेंगे केंद्र सरकार के साथ बातचीत
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चंडीगढ़, 13 अक्टूबर पंजाब में आंदोलनरत 30 किसान संगठनों ने मंगलवार को नयी दिल्ली में कृषि कानूनों को लेकर केंद्र के साथ बुधवार को बातचीत करने का निर्णय लिया।

यहां 29 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की एक बैठक में यह फैसला किया गया।

यह भी पढ़े | Bihar Elections 2020: जेडीयू के विरोध के बाद LJP को लेकर BJP हुई सख्त, कहा- प्रधानमंत्री की तस्वीर उपयोग करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.

बीकेयू (उग्रहान) ने भी नयी दिल्ली में केंद्र द्वारा बुलायी गयी बैठक में हिस्सा लेने का निर्णय लिया। वैसे यह संगठन मंगलवार को यहां की बैठक में नहीं था।

बीकेयू (उग्रहान) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने कहा, ‘‘ हमारे तीन सदस्य दिल्ली में बैठक में हिस्सा लेंगे।’’

यह भी पढ़े | दिल्ली के अंदर बढ़ रहे प्रदूषण संकट से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार सख्त, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने नार्थ एमसीडी पर 20 लाख रुपये जुर्माना लगाने का दिया आदेश.

भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रमुख बलबीर सिंह राजेवाल ने यहां मीडिया को बताया कि केंद्र के साथ बातचीत के लिए सात सदस्यीय समिति बनायी गयी है।

इस समिति में बलबीर सिंह राजेवाल, दर्शनपाल, जगजीत सिंह डालेवाल, जगमोहन सिंह, कुलवंत सिंह, सुरजीत सिंह और सतमान सिंह साहनी शामिल किये गये हैं।

राजेवाल ने कहा कि केंद्रीय कृषि विभाग के सचिव के निमंत्रण के अनुसार केंद्र उनसे बातचीत करना चाहता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम जा रहे हैं, क्योंकि हम निमंत्रण को ठुकराते रहे तो वे कहेंगे कि हम किसी वार्ता के लिए तैयार नहीं हैं। हम उन्हें कोई बहाना नहीं देना चाहते। हम वहां जायेंगे।’’

सोमवार को किसान मजदूर संघर्ष समिति ने केंद्रीय कृषि विभाग द्वारा 14 अक्टूबर को बुलायी गयी बैठक में नहीं जाने का निर्णय लिया था।

किसान संगठनों ने पिछले सप्ताह भी आठ अक्टूबर को उनकी चिंताओं के समाधान के लिए बुलाये गये सम्मेलन में हिस्सा लेने के केंद्र के न्यौते को ठुकरा दिया था। इन संगठनों के आंदोलन से राज्य में रेल यातायात बाधित हुआ और ताप विद्युत संयंत्रों की कोयला आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हई।

बीकेयू (दकुंडा) के अध्यक्ष बूटा सिंह बुर्जिल ने कहा कि ‘रेल रोको’ समेत प्रदेश व्यापी आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम 15 अक्टूबर को बैठक में आगे की कार्ययोजना तय करेंगे।’’

पंजाब सरकार ने यह कहते हुए किसानों से ‘रेल रोको’ आंदोलन में ढील देने की अपील की थी कि उसे खाद्यान्न, कोयला, उर्वरकों एवं पेट्रोल की तत्काल ढुलाई की जरूरत है और मंडियों से अनाज भी उठाया जाना है।

पंजाब में किसान मांग कर रहे हैं कि संसद से हाल ही में पारित किये गये तीनों कानून निरस्त किये जाएं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)