देश की खबरें | ‘अग्निवीर’ चार साल की सेवा के बाद आत्मविश्वास से लबरेज और बेहतर इंसान होंगे : एयर मार्शल सिंह

गांधीनगर(गुजरात), 15 जून वायुसेना के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को कहा कि केंद्र द्वारा सैनिकों की भर्ती के लिए घोषणा की गई महत्वाकांक्षी योजना के तहत सेना में शामिल होने वाले ‘अग्निवीर’ चार साल की सेवा के बाद आत्मविश्वास से लबरेज और कहीं अधिक बेहतर इंसान होंगे।

दक्षिण-पश्चिम वायुसेना कमान के प्रमुख (एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ) एयर मार्शल विक्रम सिंह ने कहा कि वायुसेना प्रमुख ने महिलाओं को भी शामिल करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

उन्होंने कहा कि वायुसेना का मानना है कि चार साल बाद उन लोगों को सेवा में नहीं रखे जाने की स्थिति में उनके द्वारा प्राप्त किये गये नये कौशल अन्य क्षेत्रों में उन्हें मदद करेगा।

केंद्र द्वारा मंगलवार को सेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती के लिए ‘अग्निपथ’ योजना की घोषणा की गई, जिसमें बहुत हद तक चार साल की संक्षिप्त अवधि के लिए अनुबंध के आधार पर सैनिकों की भर्ती की जाएगी। एयर मार्शल सिंह ने कहा, ‘‘अग्निवीरों को औसतन 35 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन चार सालों तक मिलेगा और उन्हें खासतौर पर वायुसेना में उच्च प्रौद्योगिकी वाले उपकरणों का संचालन करने का मौका मिलेगा। उन्हें कौशल विकास करने का मौका मिलेगा जो कहीं और नहीं मिल सकता। इससे वे अधिक आत्मविश्वास से लबरेज होंगे और स्वयं अधिक सक्षम होंगे।’’

उन्होंने कहा ‘‘हम जितने अच्छे इंसान को लाएंगे, उससे कहीं बेहतर इंसान समाज को लौटाएंगे। इसके अलावा उसे (अग्निवीर) को 11.7 लाख रुपये (सेवा निधि पैकेज के तहत सेवामुक्त होते वक्त) नया करियर शुरू करने के लिए मिलेगा।’’

एयर मार्शल ने कहा कि इस योजना को अगले तीन महीने में लागू कर दिया गया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संविदा आधारित नौकरी नहीं होगी क्योंकि रंगरूटों को नियमित एयरमैन की शर्तों और परिस्थितियों में काम करना होगा व उनपर भी वायुसेना अधिनियम लागू होगा।

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