प्रयागराज, 13 अक्टूबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सरकारी जमीन का आबंटन कराने में धोखाधड़ी से संबंधित मामले में अब्दुल्ला आजम खान और उनकी मां तंजीन फातिमा को मंगलवार को जमानत दे दी।
विवादास्पद जमीन पर ‘होटल क्वालिटी बार’ का निर्माण किया गया और यह जमीन मार्च, 2014 में अब्दुल्ला तथा तंजीन फातिमा के नाम आबंटित की गई। इस जमीन के लिए 1,200 रुपये प्रति माह की बोली सबसे अधिक पाई गई थी।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने अब्दुल्ला और उनकी मां की जमानत याचिका मंजूर कर ली और निचली अदालत को इस मामले पर तेजी से सुनवाई कर एक साल के भीतर फैसला सुनाने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि तंजीन फातिमा ने इस विश्वास के साथ यह संपत्ति किराए पर ली कि यह संपत्ति जिला सहकारी विकास संघ, रामपुर की है और उन्हें इस तथ्य की जानकारी नहीं थी कि संपत्ति जिला प्रशासन की है। राजनीतिक दुश्मनी की वजह से इस मामले में उन्हें झूठा फंसाया गया है।
वकील ने कहा कि भले ही यह मान लिया जाए कि उक्त संपत्ति सरकार की है और इसे जिला सहकारी विकास संघ द्वारा आवेदक को अवैध रूप से किराए पर दिया गया, तो ऐसे में किराएदारी की समाप्ति एकमात्र उपचार है।
राज्य सरकार के वकील ने दलील दी कि आजम खान उस समय राज्य के मंत्री थे और उन्होंने अपनी पत्नी तथा बेटे को अनुचित लाभ दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के वास्ते सरकारी तंत्र का उपयोग किया।
अदालत ने संबद्ध पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अब्दुल्ला और तंजीन फातिमा की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
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