देश की खबरें | अकबर के खिलाफ लगे कई आरोपों को दबाने के लिए बनाया गया निशाना, रमानी ने अदालत से कहा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 14 सितंबर पत्रकार प्रिया रमानी ने दिल्ली की एक अदालत को सोमवार को बताया कि 2018 में ‘मी टू’ मुहिम के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर ने ‘‘अपने खिलाफ यौन उत्पीड़न के ढेर सारे मामलों को रोकने के लिए’’ आपराधिक मानहानि की शिकायत के जरिए उन्हें ‘‘चुनिंदा तरीके से निशाना’’ बनाया ।

अकबर द्वारा रमानी के खिलाफ दायर शिकायत में अंतिम सुनवाई के दौरान रमानी ने अपने वकील के जरिए अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विशाल पाहूजा के सामने यह दलील दी।

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‘मी टू’ मुहिम के दौरान रमानी ने 2018 में अकबर पर करीब 20 साल पहले यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जब वह पत्रकार थे।

अकबर ने 17 अक्टूबर 2018 को केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था ।

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रमानी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने सोमवार को अदालत को बताया कि ‘मी टू’ मुहिम के दौरान 14 से ज्यादा महिलाओं ने अकबर पर आरोप लगाए लेकिन उन्होंने केवल रमानी के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी ।

जॉन ने कहा, ‘‘प्रिया रमानी को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया गया...या तो हर किसी का आलेख और ट्वीट मानहानिकारक है या किसी का भी नहीं है। या फिर अन्य आरोपों को स्वीकार कर लिया गया।’’

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