रांची, चार जून, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आग्रह पर दिल्ली की एक कंपनी के सहयोग से अंडमान-निकोबार की राजधानी पोर्टब्लेयर से बृहस्तपतिवार को 180 प्रवासी श्रमिक विशेष विमान से रांची पहुंचे।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में फंसे 180 मजदूरों को लेकर विशेष विमान जब झारखंड पहुंचा तो अनेक श्रमिक भावुक हो गये।
श्रमिकों ने कहा कि उन्होंने अपने राज्य पहुंचने की उम्मीद छोड़ दी थी।
प्रवक्ता ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री के आग्रह पर दिल्ली की एक कंपनी ने मजदूरों की मदद के लिये हाथ बढ़ाया और झारखंड एवं अंडमान-निकोबार की सहमति से विशेष विमान से श्रमिकों को पोर्टब्लेयर से रांची बिरसा मुंडा हवाई अड्डे लाया जा सका।
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पेय जल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री मिथिलेश ठाकुर तथा कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने हवाई अड्डे पर प्रवासी श्रमिकों का स्वागत किया।
बादल पत्रलेख ने हवाई अड्डे पर मीडिया से कहा, ‘‘राज्य सरकार इन श्रमिकों को काम और सम्मान देगी।’’
उन्होंने कहा कि ये श्रमिक अब राज्य के नवनिर्माण में सहयोग करेंगे।
गोड्डा के एक श्रमिक ने कहा कि अंडमान-निकोबार में उन्होंने भारी कष्ट झेले हैं और अब यहां आकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।
राज्य में विशेष विमान से अंडमान से श्रमिकों को वापस लाने वाला यह दूसरा विमान है। इसके पहले राज्य सरकार 30 मई को पोर्टब्लेयर से 180 यात्रियों को विशेष विमान से लाई थी। इसके अलावा 29 मई को लेह से तथा 28 मई को मुंबई से विशेष विमान से श्रमिकों को वापस लाया गया था।
सोरेन ने निजी कंपनियों एवं पूंजीपतियों से मजदूरों को वापस लाने में यथासंभव मदद करने की अपील की है।
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