जोंडरफेरमोएगेन: क्या है जर्मनी में चुने गए 2025 के सबसे खराब शब्द का मतलब
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

जर्मनी में "जोंडरफेरमोएगेन" को 2025 का सबसे खराब शब्द चुना गया है. क्या है इसका मतलब और जर्मन सरकार ने इसे किस तरह इस्तेमाल किया कि इसे साल का सबसे खराब शब्द बताया गया है?जर्मन भाषा के "जोंडरफेरमोएगेन" शब्द का मतलब है, विशेष राशि या स्पेशल फंड. इसे साल 2025 के सबसे खराब शब्द का तमगा मिला है. चुनाव की वजह है, शब्द का भ्रामक इस्तेमाल.

जर्मनी में 1,000 अरब यूरो से ज्यादा के कर्ज का रास्ता साफ

किस संदर्भ में इस्तेमाल हुआ यह शब्द?

बीते साल सरकार ने इस शब्द को खासा इस्तेमाल किया. जर्मनी में 'डेट ब्रेक' यानी, राजकीय कर्ज लेने की सीमा पर लगी बंदिशों को ढीला करने के लिए केंद्र सरकार ने "जोंडरफेरमोएगेन" को कई बार इस्तेमाल किया.

'डेट ब्रेक' जर्मन संविधान का अहम प्रावधान है, जिसके मुताबिक केंद्र और राज्यों का बजट सैद्धांतिक रूप से बिना कर्ज के बैलेंस होना चाहिए. यानी, राज्य केवल उतना ही खर्च कर सकता है, जितनी रकम टैक्स और अन्य तरीकों से कमाता है.

क्या है डेट ब्रेक, जिसकी वजह से टूटा जर्मनी का सत्तारूढ़ गठबंधन

सरकार ने संविधान सुधार के रास्ते डेट ब्रेक पर लगी पाबंदियों को तोड़कर बड़े राजकीय ऋण के लिए राह बनाई. अगले एक दशक में जलवायु संबंधी उपायों और बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश के लिए 500 बिलियन यूरो का तथाकथित "जोंडरफेरमोएगेन" स्पेशल फंड बनाया गया.

शब्द का भ्रामक इस्तेमाल, असल मतलब ढक गया

फिलिप्स यूनिवर्सिटी मारबुर्ग की जूरी ने माना कि पिछले साल प्रचलित विमर्श में जिस तरह यह शब्द उपयोग हुआ, उसने दरअसल असल अभिप्राय को ढकने या अस्पष्ट करने का काम किया. और, इस शब्द का "चालाकी भरा" असर हुआ.

बोलचाल की भाषा में "विशेष राशि" का मतलब है, रकम की ऐसी स्पष्ट मात्रा जो कुल संपत्ति से अलग हो. वहीं, जर्मन सिस्टम के संदर्भ में कानूनी और आर्थिक रूप से देखें तो इसका अभिप्राय उस पूरक बजट से है, जो किसी खास लक्ष्य के लिए दिया जाए और इसकी फंडिंग कर्ज से की जाए.

यूनिवर्सिटी ने अपनी प्रेस रिलीजमें 'अनवर्ड ऑफ दी ईयर 2025' के चुनाव की वजह स्पष्ट करते हुए रेखांकित किया कि शब्द का तकनीकी ब्योरा और आम समझ में इसका मतलब, दोनों में फर्क है. "स्पेशल एसेट्स" (या, स्पेशल फंड) के दो भाग हैं: स्पेशल और एसेट्स. दूसरा हिस्सा, पैसा या किसी अन्य ठोस संपत्ति की विशाल मात्रा बताता है. वहीं, शब्द का पहला भाग "स्पेशल" संकेत देता है कि फलां चीज खास है.

ज्यूरी ने पाया कि आम विमर्श में इस प्रशासनिक शब्द का जिस आशय के साथ इस्तेमाल हुआ, वह अलग है. इसे राजनीतिक उपायों से जुड़ी बहसों में भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि बहुत से लोग इसके खास प्रशासनिक अर्थ को नहीं जानते हैं. वो आम बोलचाल के मतलब में ही इसे समझते हैं.

यह अंतर, शब्द के भ्रामक और परोक्ष अर्थ को रेखांकित करता है. इस तरह जनता से संवाद करते हुए कर्ज उठाने की असल बात कमोबेश छुप जाती है. जूरी के मुताबिक, सरकार द्वारा लिए गए नए कर्जे के मामले में इस शब्द के प्रचलन ने "भ्रामक" नतीजा दिया. अरबों के कर्ज को अपेक्षाकृत मुलायम शब्द देकर प्रचलित कर दिया गया.

इन पक्षों की ओर ध्यान दिलाते हुए ज्यूरी ने राजकीय कर्ज के मामले में "जोंडरफेरमोएगेन" के व्यापक इस्तेमाल की आलोचना की. उन्होंने यह भी कहा कि इससे कर्ज लेने की जरूरत पर लोकतांत्रिक बहस भी कमजोर होती है, "जहां राजनीतिक संवाद सभी नागरिकों पर असर डालते हों, वहां भाषा में स्पष्टता और उपयुक्तता की मांग नैतिकता की दृष्टि से अनिवार्य है."

"अन-वर्ड ऑफ दी ईयर"

साल के सबसे खराब शब्द का चुनाव करने वाली जूरी में चार भाषाविद और एक पत्रकार शामिल हैं. हर साल ये सदस्य "अन-वर्ड ऑफ दी ईयर" या सबसे खराब शब्द चुनते हैं.

इसके लिए कई एंट्रियां आती हैं. चुनाव ऐसे शब्दों या अभिव्यक्तियों के बीच किया जाता है जो इंसानी गरिमा या लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उल्लंघन करते हों, सामाजिक समूहों के बीच भेदभाव करते हों, भ्रामक हों, या फिर मुश्किल स्थितियों/संदर्भों को नरम संदर्भ देकर गुमराह करते हों.

पिछले साल करीब 553 सुझाव आए. इनमें से करीब 70 ऐसे थे, जो सबसे खराब शब्द चुने जाने के मापदंडों पर जंचते थे. 2024 में "बियोडॉयच" को जर्मन 'अन-वर्ड ऑफ दी ईयर' चुना गया था. इसका मतलब है, "ऑर्गेनिक रूप से जर्मन."