United Nations: गरीब देशों की महिलाओं को यौन संबंधों से इंकार करने का भी अधिकार नहीं
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की इस रिपोर्ट में कहा गया कि यह आंकड़े दुनिया के केवल एक चौथाई देशों के हैं, केवल आधे से अधिक अफ्रीका के.
संयुक्त राष्ट्र, 15 अप्रैल : संयुक्त राष्ट्र (United Nations) जनसंख्या कोष की इस रिपोर्ट में कहा गया कि यह आंकड़े दुनिया के केवल एक चौथाई देशों के हैं, केवल आधे से अधिक अफ्रीका (Africa) के. लेकिन ये परिणाम,“ लाखों महिलाओं और लड़कियों की शारीरिक स्वायत्ता की स्थिति की चिंताजनक तस्वीर सामने रखती है” जिन्हें बिना डर या हिंसा के अपनी देह और अपने भविष्य के बारे में चुनाव करने की शक्ति नहीं है.
रिपोर्ट में कहा गया कि 57 देशों में महज 55 प्रतिशत महिलाएं एवं लड़कियां यह तय कर पाती हैं कि उन्हें यौन संबंध बनाना है या नहीं, गर्भनिरोध का इस्तेमाल करना है या नहीं और यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं संबंधी चिकित्सीय सलाह कब लेनी है. यह भी पढ़ें : Johnson & Johnson Covid-19 Vaccines: अफ्रीका ने जे एंड जे कोविड-19 टीके के इस्तेमाल पर लगाई रोक
कोष की कार्यकारी निदेशक, डॉ नतालिया कानेम ने कहा, ‘‘शारीरिक स्वायत्ता न देना महिलाओं एवं लड़कियों के मौलिक मानवीय अधिकारों का उल्लंघन है जो असामनता को बढ़ावा देने के साथ ही लैंगिक भेदभाव के कारण होने वाली हिंसा को जारी रखता है.” उन्होंने कहा, ‘‘हमारे शरीर पर अपना ही हक न होने के इस तथ्य से हम सभी को गुस्सा आना चाहिए.”
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 15, 2021 09:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

