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‘हम युद्ध के खिलाड़ी भी हैं’: ओमान वार्ता के बीच ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका की सैन्य धमकियों को नकारा

ओमान में अमेरिका के साथ हुई परोक्ष बातचीत के बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि अमेरिकी सैन्य दबाव तेहरान को झुका नहीं सकता. उन्होंने परमाणु संवर्धन को देश की संप्रभुता का हिस्सा बताया.

‘हम युद्ध के खिलाड़ी भी हैं’: ओमान वार्ता के बीच ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका की सैन्य धमकियों को नकारा

तेहरान, 9 फरवरी: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने रविवार को वाशिंगटन को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका (America) की सैन्य उपस्थिति इस्लामिक गणराज्य को डरा नहीं पाएगी. राष्ट्रीय विदेश नीति सम्मेलन में बोलते हुए अराघची ने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय तनाव और ओमान में चल रही परोक्ष कूटनीतिक वार्ताओं के बावजूद ईरान अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम से समझौता नहीं करेगा।.

सैन्य दबाव के बीच कूटनीति का दांव

​अराघची की यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के बाद आई है जिनमें कहा गया था कि अमेरिका हालिया बातचीत के दौरान अपनी ताकत दिखाने के लिए क्षेत्र में सैन्य हलचल बढ़ा रहा है. इन युद्धाभ्यासों को "दबंगई" करार देते हुए अराघची ने कहा, "क्षेत्र में उनकी सैन्य संरचना हमें डरा नहीं पाएगी. हम कूटनीति के आदमी हैं, लेकिन हम युद्ध के खिलाड़ी (men of war) भी हैं." उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान किसी बाहरी ताकत को अपनी घरेलू नीतियों या रक्षा क्षमताओं को नियंत्रित करने की अनुमति नहीं देगा.

ओमान में परोक्ष बातचीत का साया

​यह बयान ओमान में ईरानी अधिकारियों और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच हुई परोक्ष वार्ता के ठीक बाद आया है. इस बैठक में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर शामिल थे। विशेष रूप से, अमेरिकी मध्य कमान (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर भी ओमान में मौजूद थे. विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की यह उपस्थिति ईरान पर दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति थी.

परमाणु संवर्धन: ‘ना’ कहने की ताकत

​परमाणु कार्यक्रम पर चल रहे विवाद को लेकर अराघची ने यूरेनियम संवर्धन पर ईरान के अधिकार का बचाव किय. उन्होंने तर्क दिया कि परमाणु तकनीक का अधिकार राष्ट्रीय संप्रभुता का मामला है.

​"ईरान की शक्ति का रहस्य महाशक्तियों की दबंगई के सामने खड़े होने और उन्हें 'ना' कहने की क्षमता में निहित है. हमारा 'परमाणु बम' कोई हथियार नहीं, बल्कि महाशक्तियों को 'ना' कहने की यही ताकत है." - अब्बास अराघची, विदेश मंत्री

अनिश्चित कूटनीतिक भविष्य

​हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया था कि ईरान एक समझौता करने के लिए "बेताब" दिख रहा है, लेकिन अराघची के शब्दों ने एक अधिक संघर्षपूर्ण रुख का संकेत दिया है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बातचीत का दूसरा दौर कब होगा. यह तनावपूर्ण स्थिति तब बनी हुई है जब ईरान आंतरिक रूप से भी आर्थिक दबाव और हाल के विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 09, 2026 10:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).