व्लादिमीर पुतिन के लिए सुनहरा इतिहास 'गर्व' का सबब, पश्चिम की नजर में 'डोनबास' से जुड़ा है विवाद
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को एक वीडियो संदेश जारी किया. जिसमें एक खास संदेश था. इसमें उन क्षेत्रों का उल्लेख था जो यूक्रेन के प्रभाव में थे और काफी अशांत रहे, बाद में रूस ने उन्हें मान्यता दी. क्रेमलिन की ओर से जारी इस वीडियो संदेश में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि मास्को को चार पूर्व यूक्रेनी क्षेत्रों को रूस से जोड़कर गर्व की अनुभूति हो रही है.
मास्को, 30 सितंबर : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने मंगलवार को एक वीडियो संदेश जारी किया. जिसमें एक खास संदेश था. इसमें उन क्षेत्रों का उल्लेख था जो यूक्रेन के प्रभाव में थे और काफी अशांत रहे, बाद में रूस ने उन्हें मान्यता दी. क्रेमलिन की ओर से जारी इस वीडियो संदेश में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि मास्को को चार पूर्व यूक्रेनी क्षेत्रों को रूस से जोड़कर गर्व की अनुभूति हो रही है. पुतिन के अनुसार, यह क्षेत्र 'रूस की पैतृक भूमि है,' और यहां के लोगों ने स्वतंत्र और जिम्मेदारीपूर्वक रूस के साथ जुड़ने का निर्णय लिया.
मास्को के आरटी न्यूज ने पुतिन की बात का सार समझाया. जिसके मुताबिक पुतिन ने कहा, “हमने अपने मूल राष्ट्रीय हित, साझा स्मृति, मूल्य, रूसी भाषा, परंपराओं, संस्कृति और धर्म की रक्षा की है. साथ ही, अपने पूर्वजों की उपलब्धियों का सम्मान करना हमारा पवित्र अधिकार है.” 30 सितंबर को रूस 'एकीकरण दिवस' मनाता है. डोनेट्स्क और लुहान्स्क पीपुल्स रिपब्लिक, साथ ही खेरसन और जापोरिज्जिया के रूस से जुड़ाव की बात पुतिन ने कही. पुतिन ने गर्व से कहा, "हमें जो करना था, वह किया, और हमें इस पर गर्व है." लेकिन इस कहानी में सिर्फ गर्व ही नहीं है. यह कदम 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादास्पद' माना गया है. यूक्रेन और पश्चिमी देशों ने इसे कानूनी रूप से मान्यता नहीं दी है. फिर भी, रूस इसे अपने 'ऐतिहासिक और सांस्कृतिक हितों की रक्षा' के रूप में पेश करता है. यह भी पढ़ें : Pakistan Bomb Blast: क्वेटा में सेना के हेडक्वार्टर के पास जबरदस्त बम धमाका, 10 लोगों की मौत
इस कहानी के दो अहम पहलू हैं! पहला सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव – पुतिन इसे सिर्फ भू-राजनीति नहीं, बल्कि रूसी संस्कृति और परंपराओं के सम्मान के रूप में देखते हैं. दूसरा विवादास्पद अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया – पश्चिमी देश और यूक्रेन इसका विरोध करते हैं तो पुतिन इसे नजरअंदाज करते हैं. 2014 में कीव में तख्तापलट के बाद, मुख्यतः रूसी भाषी क्षेत्रों डोनेट्स्क और लुगांस्क ने स्वतंत्रता की घोषणा के लिए मतदान किया था. उसी वर्ष क्रीमिया ने रूस में शामिल होने के लिए मतदान किया था. यूक्रेन और अधिकांश देश रूस की नई सीमाओं को मान्यता देने से इनकार करते हैं.
डोनबास दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन में स्थित एक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्र है, जिसके कुछ क्षेत्रों पर रूस-यूक्रेनी युद्ध के बाद से डोनेट्स्क पीपल्स रिपब्लिक और लुहान्स्क पीपल्स रिपब्लिक जैसे अलगाववादी समूहों का कब्जा रहा. डोनबास शब्द "डोनेट्स कोल बेसिन" का संक्षिप्त नाम है. मार्च 2014 में, यूरोमैडन और 2014 की यूक्रेनी क्रांति के बाद, डोनबास के बड़े इलाकों में तनाव रहा. अशांति को बाद में स्व-घोषित डोनेट्स्क और लुहान्स्क पीपल्स रिपब्लिक से जुड़े रूसी और रूसी समर्थक अलगाववादियों ने युद्ध में बदल दिया. इन दोनों संगठनों को 2022 में रूस ने मान्यता दे दी, लेकिन यूएन से जुड़े किसी भी अन्य देश ने इसे मान्यता नहीं दी. रूस इसे हर तरह की मदद मुहैया कराता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 30, 2025 04:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

