वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क: अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) एक बार फिर अपने लीक से हटकर लिए गए फैसलों को लेकर चर्चा में हैं. शनिवार, 17 जनवरी 2026 को सामने आई ब्लूमबर्ग (Bloomberg) की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने एक नए अंतरराष्ट्रीय संगठन 'बोर्ड ऑफ पीस' (Board of Peace) के गठन का मसौदा तैयार किया है. इस प्रस्तावित योजना की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जो देश इस बोर्ड में स्थायी सीट या लंबे समय तक सदस्यता चाहते हैं, उन्हें कम से कम 1 अरब डॉलर (1 Billion USD) की राशि का भुगतान करना होगा. यह भी पढ़ें: Iran On Donald Trump’s Remark: डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर भड़का ईरान, अमेरिका के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखा
ट्रंप होंगे 'इनॉग्रल चेयरमैन', खुद लेंगे फैसले
ब्लूमबर्ग द्वारा देखे गए चार्टर के मसौदे के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप इस बोर्ड के शुरुआती अध्यक्ष (Inaugural Chairman) के रूप में कार्य करेंगे.
- सीमित कार्यकाल: सदस्य देशों का कार्यकाल अधिकतम तीन वर्ष का होगा.
- नवीनीकरण का अधिकार: कार्यकाल को आगे बढ़ाने या रिन्यू करने का पूर्ण अधिकार चेयरमैन (ट्रंप) के पास होगा.
- स्थायी सीट की शर्त: चार्टर में उल्लेख है कि तीन साल की सदस्यता की समय सीमा उन देशों पर लागू नहीं होगी जो इसके गठन के पहले वर्ष के भीतर 1 अरब डॉलर से अधिक का नकद योगदान देंगे.
क्या है 'बोर्ड ऑफ पीस' का उद्देश्य?
चार्टर में इस बोर्ड को एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय संगठन के रूप में वर्णित किया गया है जो दुनिया के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में स्थिरता लाने, कानून सम्मत शासन बहाल करने और स्थायी शांति सुनिश्चित करने का काम करेगा. विशेष रूप से, इसे गाजा (Gaza) के पुनर्निर्माण और वहां शांति बहाली के लिए एक व्यापक 'अंब्रेला बॉडी' के रूप में देखा जा रहा है. ट्रंप ने पहले ही अर्जेंटीना के जेवियर माइली और कनाडा के मार्क कार्नी जैसे वैश्विक नेताओं को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया है.
Donald Trump Asks Countries To Pay USD 1 Billion for Seat on ‘Board of Peace’
JUST IN: Trump administration is asking countries to pay at least $1 billion for permanent seat on a proposed 'Board of Peace', according to Bloomberg report.
— The Spectator Index (@spectatorindex) January 18, 2026
संयुक्त राष्ट्र (UN) के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा कदम
राजनीतिक विश्लेषकों और आलोचकों का मानना है कि ट्रंप इस बोर्ड के जरिए संयुक्त राष्ट्र (United Nations) का एक प्रतिद्वंद्वी या विकल्प तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं. ट्रंप लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली की आलोचना करते रहे हैं.
- निर्णय प्रक्रिया: मसौदे के अनुसार, बोर्ड में फैसले बहुमत से लिए जाएंगे, लेकिन हर प्रस्ताव के लिए चेयरमैन (ट्रंप) की मंजूरी अनिवार्य होगी.
- प्रतिक्रिया: कई यूरोपीय देशों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है. उनका मानना है कि फंड पर व्यक्तिगत नियंत्रण और भारी 'सदस्यता शुल्क' अधिकांश देशों के लिए स्वीकार्य नहीं होगा. यह भी पढ़ें: Donald Trump on Tariff: अमेरिका ने चार लैटिन अमेरिकी देशों पर आंशिक रूप से टैरिफ हटाने का किया ऐलान
व्हाइट हाउस की सफाई
रिपोर्ट्स के वायरल होने के बाद व्हाइट हाउस के सोशल मीडिया अकाउंट 'रैपिड रिस्पांस 47' ने इन खबरों को भ्रामक बताया है. व्हाइट हाउस का कहना है कि ‘शांति बोर्ड में शामिल होने के लिए कोई न्यूनतम शुल्क नहीं है.’ हालांकि, बयान में यह भी जोड़ा गया कि बोर्ड उन देशों को स्थायी सदस्यता प्रदान करेगा जो ‘शांति, सुरक्षा और समृद्धि के प्रति गहरी प्रतिबद्धता’ प्रदर्शित करेंगे.













QuickLY