ऐतिहासिक मंदिरों पर जंग! थाईलैंड ने ठुकराई तीसरे पक्ष की मध्यस्थता, संयुक्त राष्ट्र पहुंचा कंबोडिया
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच ऐतिहासिक मंदिरों को लेकर पुराना सीमा विवाद फिर से हिंसक हो गया है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई है. थाईलैंड किसी तीसरे देश की मध्यस्थता को खारिज कर केवल द्विपक्षीय बातचीत पर जोर दे रहा है. वहीं, कंबोडिया ने इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उठाया है.
Thailand Cambodia Border Dispute: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहा सीमा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है. थाईलैंड ने इस विवाद को सुलझाने के लिए किसी तीसरे देश की मध्यस्थता को साफ तौर पर ठुकरा दिया है. उसका कहना है कि यह मसला सिर्फ दोनों देशों के बीच बातचीत से ही हल हो सकता है. थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि कंबोडिया को पहले हमले रोकने होंगे, तभी कोई समाधान निकल सकता है. आइए, समझते हैं कि मामला क्या है.
क्या है यह विवाद?
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर कुछ इलाकों को लेकर लंबे समय से झगड़ा चल रहा है. खास तौर पर, प्रीह विहार मंदिर और ता मोआन थोम जैसे ऐतिहासिक स्थल, जो दोनों देशों की सीमा पर हैं, इनके मालिकाना हक को लेकर विवाद है. यह झगड़ा 100 साल से भी ज्यादा पुराना है, जब फ्रांस ने कंबोडिया पर कब्जा किया था और सीमा का नक्शा बनाया था. दोनों देश इस नक्शे की अलग-अलग व्याख्या करते हैं. हाल ही में, 24 जुलाई को इस विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब दोनों देशों की सेनाओं के बीच गोलीबारी हुई. इस झड़प में कम से कम 16 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर थाई नागरिक थे.
थाईलैंड का रुख
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता निकोर्नदेज बालांकुरा ने रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में साफ कहा, "हमें अभी किसी तीसरे देश की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है." उनका कहना है कि यह मसला सिर्फ थाईलैंड और कंबोडिया के बीच की बात है, और इसे द्विपक्षीय बातचीत से ही सुलझाया जाना चाहिए. थाईलैंड का आरोप है कि कंबोडिया ने पहले हमला शुरू किया, जिसमें रॉकेट और तोपों का इस्तेमाल हुआ. थाईलैंड ने यह भी कहा कि कंबोडिया को पहले हिंसा रोकनी होगी, तभी बातचीत आगे बढ़ सकती है.
कौन-कौन कर रहा है मध्यस्थता की कोशिश?
इस विवाद को शांत करने के लिए कई देश सामने आए हैं. अमेरिका, चीन और मलेशिया, जो इस समय आसियान (ASEAN) क्षेत्रीय समूह का अध्यक्ष है, ने मध्यस्थता की पेशकश की है. मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने दोनों देशों के नेताओं से बात की और शांति की अपील की. लेकिन थाईलैंड का कहना है कि वह आसियान की मदद से बातचीत शुरू करने को तैयार है, बशर्ते यह द्विपक्षीय बातचीत को बढ़ावा दे.
कंबोडिया का पक्ष
कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट ने इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) के सामने उठाया है. उनका कहना है कि थाईलैंड ने "बिना उकसावे और सोच-समझकर सैन्य हमला" किया. कंबोडिया ने यह भी कहा कि थाईलैंड ने पहले ड्रोन भेजा और गोलीबारी शुरू की, जिसके जवाब में कंबोडिया को आत्मरक्षा में कार्रवाई करनी पड़ी. कंबोडिया ने इस विवाद को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में ले जाने की बात भी कही है, लेकिन थाईलैंड ICJ के अधिकार क्षेत्र को मानने से इनकार करता है.
क्या है ताजा स्थिति?
यह विवाद गुरुवार को शुरू हुआ और शुक्रवार को भी दोनों देशों के बीच गोलीबारी जारी रही. थाईलैंड ने कंबोडिया के सैन्य ठिकानों पर F-16 फाइटर जेट्स से हमले किए, जबकि कंबोडिया ने भी रॉकेट और तोपों से जवाब दिया. इस हिंसा में कम से कम 12 लोग मारे गए, और हजारों लोग दोनों देशों में विस्थापित हुए हैं. थाईलैंड ने अपनी सीमा को बंद कर दिया है और कंबोडिया ने भी जवाबी कार्रवाई में कई प्रतिबंध लगाए हैं, जैसे कि थाईलैंड से फल-सब्जियों के आयात पर रोक.
आगे क्या?
यह विवाद दोनों देशों के बीच राष्ट्रवादी भावनाओं को भड़का रहा है. थाईलैंड में इस मुद्दे ने राजनीतिक संकट भी पैदा कर दिया है, जहां प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा को निलंबित कर दिया गया है. दूसरी ओर, कंबोडिया में पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन, जो अभी भी काफी प्रभावशाली हैं, ने थाईलैंड पर हमला बोला है. दोनों देश एक-दूसरे पर पहले हमले का आरोप लगा रहे हैं, जिससे तनाव और बढ़ रहा है.
थाईलैंड और कंबोडिया का यह सीमा विवाद नया नहीं है, लेकिन हाल की हिंसा ने इसे और गंभीर बना दिया है. थाईलैंड की मांग है कि कंबोडिया हिंसा रोके और सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत से मसला सुलझाए, जबकि कंबोडिया अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने की बात कर रहा है. आसियान और दूसरे देश शांति की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी कोई समाधान नजर नहीं आ रहा. इस विवाद का असर न सिर्फ दोनों देशों की जनता पर पड़ रहा है, बल्कि पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया की स्थिरता पर भी सवाल उठ रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2025 01:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

